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मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना / बच्चों को त्वरित लाभ प्रदान करने के लिए योजना में संशोधन, आइये जानते हैं इस योजना से किसको और क्या लाभ मिलेगा

हिमाचलनाउ डेस्क | 31 दिसंबर 2024 at 10:56 am

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उपायुक्त ने की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता

नाहन, 30 दिसम्बर – जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सिरमौर, सुमित खिम्टा ने की।

बच्चों को त्वरित लाभ प्रदान करने के लिए योजना में संशोधन

बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा ने मंच संचालन करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत बच्चों को त्वरित लाभ प्रदान करने के लिए योजना में संशोधन किया गया है।

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  • योजना का विकेंद्रीकरण: योजना को विकेंद्रीकृत कर अधिकतर शक्तियां जिला स्तर पर गठित समिति को प्रदान की गई हैं।
  • लाभार्थियों का विस्तार: परित्यक्त और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों को भी योजना में शामिल किया गया है।

कौन आएगा परित्यक्त और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों की श्रेणी में

  • परित्यक्त बच्चे: वे बच्चे जिन्हें उनके जैविक या दत्तक माता-पिता ने त्याग दिया हो।
  • आत्मसमर्पण करने वाले बच्चे: वे बच्चे जिन्हें माता-पिता या अभिभावकों ने शारीरिक, भावनात्मक या सामाजिक कारणों से त्याग दिया हो और जो उनके नियंत्रण से परे हैं।

योजना के लाभ

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत पात्र बच्चों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी:

  1. मासिक वित्तीय सहायता:
    • 14 वर्ष की आयु तक ₹1,000 प्रति माह।
    • 18 वर्ष की आयु तक ₹2,500 प्रति माह।
    • 27 वर्ष की आयु तक ₹4,000 प्रति माह पॉकेट मनी।
  2. शिक्षा का खर्च:
    • उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
    • छात्रावास उपलब्ध न होने पर पीजी खर्च के लिए ₹3,000 प्रदान किए जाएंगे।
  3. आजीविका सहायता:
    • आजीविका के लिए ₹2 लाख।
    • शादी के लिए ₹2 लाख।
    • घर बनाने के लिए जमीन और ₹3 लाख की वित्तीय सहायता।

योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर

उपायुक्त ने समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वयं इस योजना की समीक्षा करते हैं, इसलिए:

  • जागरूकता शिविर: जागरूकता शिविर के दौरान योजना का प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • उद्योगों का सहयोग: उद्योगों को भी इस योजना के बारे में जानकारी दी जाए ताकि उनका सहयोग प्राप्त हो सके।

शिक्षा विभाग को निर्देश

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को डॉ. वाई एस परमार छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र बच्चों का चयन करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर चर्चा करने के निर्देश दिए।

उपस्थित सदस्य

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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