लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Ajit Pawar Plane Crash

Ajit Pawar Plane Crash / महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन, PM मोदी ने जताया दुख

राधा स्वामी सत्संग ट्रस्ट का भोटा अस्पताल सोमवार से खुलेगा

हिमाचलनाउ डेस्क | 2 दिसंबर 2024 at 6:25 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

Himachalnow / हमीरपुर

सीएम सुक्खू के बयान के बाद ट्रस्ट ने किया ऐलान
सोमवार से राधा स्वामी चैरिटेबल अस्पताल भोटा में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान के बाद की गई है। डिटेल में जानें इस बारे में अधिक जानकारी।

अस्पताल के पुनः खुलने की घोषणा

राधा स्वामी चैरिटेबल अस्पताल भोटा सोमवार से एक बार फिर मरीजों के लिए खोला जाएगा। ब्यास प्रबंधन ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक आदेश जारी किए हैं। अस्पताल के प्रशासक जितेंद्र जग्गी ने इस बारे में जानकारी दी है। सोमवार से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होनी शुरू हो जाएंगी।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

शिमला में सीएम सुक्खू की बैठक

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में ओक ओवर में एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में राधा स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा के भूमि हस्तांतरण के मामले पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस अस्पताल को कार्यशील बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि आसपास के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 18 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा शीतकालीन सत्र में लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन का विधेयक पेश किया जाएगा।

अस्पताल के बंद होने का नोटिस

भोटा चैरिटेबल अस्पताल पिछले 24 सालों से क्षेत्रीय लोगों को सस्ता इलाज मुहैया करा रहा था। लेकिन 1 दिसंबर से अस्पताल के बंद होने का नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय लोग नाराज हो गए थे। इसके बाद लोगों ने चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से डेरा ब्यास प्रबंधन की मांग स्वीकार करने और अस्पताल को पुनः चलाने की अपील की थी।

मामला क्या है?

डेरा ब्यास प्रबंधन चाहता है कि वर्तमान में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के तहत चल रहे चैरिटेबल ट्रस्ट के भोटा अस्पताल को ब्यास डेरा की सिस्टर कंसर्न या महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी को ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करने और लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव करने की आवश्यकता है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]