शिमला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, हिमाचल पुलिस बाहर
दिल्ली में हुई केस की शुरुआत
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में अब जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर यह मामला न्यू शिमला थाना से ट्रांसफर कर सीबीआई को सौंपा गया, जिसने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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भारतीय न्याय संहिता की दो गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
सीबीआई ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) (समूह अपराध की समान जिम्मेदारी) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत दोषियों को 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
सीबीआई की तीन सदस्यीय एसआईटी गठित
जांच के लिए सीबीआई ने डीएसपी बृजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, जिसमें इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और सब इंस्पेक्टर नीलेश सिंह भी शामिल हैं। कोर्ट के निर्देशानुसार हिमाचल कैडर का कोई पुलिस अधिकारी इस जांच में शामिल नहीं होगा।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
एफआईआर में मृतक की पत्नी किरण नेगी के बयान शामिल किए गए हैं, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज और एमडी हरिकेश मीणा ने उनके पति को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक दबाव और धमकियों के कारण उनके पति को जान गंवानी पड़ी।
कोर्ट के आदेश के कारण शिमला या चंडीगढ़ में दर्ज नहीं हुआ केस
हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने स्पष्ट किया था कि इस केस की निष्पक्ष जांच के लिए हिमाचल पुलिस को इससे दूर रखा जाए। इसी वजह से एफआईआर शिमला या चंडीगढ़ में दर्ज न होकर सीधे दिल्ली में की गई।
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