HNN/ कुल्लू
हिमाचल का जिला कुल्लू प्रदेश में लहसुन उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। यहां करीब 1500 हेक्टेयर भूमि पर वर्तमान में खेती हो रही है। जिला के कई किसान ऐसे हैं जो सिर्फ खेती-बाड़ी पर ही निर्भर हैं। कई किसान नकदी फसलें लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। हालांकि, कई बार किसानों को उनकी फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पाते जिस कारण उनको आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है।
जिला के किसानों के साथ इस साल भी ऐसा ही हुआ और उन्हें उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिले। किसानों को पहले उम्मीद थी कि उनके लहसुन के दाम 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाएंगे पर ऐसा नहीं हुआ। इस साल किसानों को महज 50 से 60 रूपए प्रति किलो के हिसाब से ही अपने लहसुन को बेचना पड़ा। परंतु राहत की बात यह है कि इस बार किसानों को पहले के मुकाबले कम दाम पर लहसुन का बीज उपलब्ध हुआ है।
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बता दें, कुल्लू जिले के बाह्य सराज आनी और बंजार क्षेत्र में किसान अपने खेतों में अक्टूबर और नवंबर माह के दौरान लहसुन की बिजाई कर देते हैं। क्षेत्र के किसानों ने लहसुन की बिजाई का कार्य पूरा कर लिया है। बड़ी बात यह है कि किसानों को इस बार 150 से 200 रुपये नहीं बल्कि सस्ते रेट यानी 70 रुपये प्रति किलो लहसुन का बीज मिला है।
ऐसा 10 साल में पहली बार हुआ है कि किसानों को लहसुन का बीज कम दामों पर उपलब्ध हुआ है। किसानों ने बताया, इस बार बीज सस्ता मिला है जिससे उनपर महंगाई का बोझ भी कम पड़ा है। बताया कि कई किसानों ने दो से तीन क्विंटल तक लहसुन की बिजाई की है।
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