बीते 24 घंटों में तेज बारिश और सिल्ट के बढ़ते स्तर के चलते मंडी जिले में हालात बिगड़ गए हैं। डैहर पावर हाउस बंद हो गया है और पंडोह डैम से एक साथ पांचों गेट खोलकर डेढ़ लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया। ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं।
डैहर पावर हाउस बंद
सिल्ट की मात्रा 80 हजार पीपीएम तक पहुंचने के कारण डैहर पावर हाउस को बंद करना पड़ा। 990 मेगावाट का यह प्रोजेक्ट 24 घंटे से ठप पड़ा है। पंडोह-बग्गी टनल को भी सिल्ट ने जाम कर दिया है।
पानी छोड़ने से बढ़ा खतरा
पंडोह डैम से पानी छोड़ने के बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीसी अपूर्व देवगन और एडीएम मदनलाल ने बीबीएमबी प्रबंधन से कई बार चर्चा की और चेतावनी सिस्टम लागू करने पर जोर दिया।
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प्रशासन अलर्ट मोड पर
ब्यास का रौद्र रूप देखकर मंडी प्रशासन अलर्ट है। एडीसी गुरसिमर सिंह ने हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि खतरे की स्थिति को देखते हुए गेटों को अस्थायी तौर पर बंद भी किया गया था, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
सिल्ट से गेट जाम होने का खतरा
बीबीएमबी को आशंका है कि यदि पानी रोका गया तो गेट सिल्ट के दबाव में जाम हो सकते हैं। इसलिए सभी गेट खोल दिए गए हैं। डैम की क्षमता दो लाख क्यूसिक तक है, लेकिन मौजूदा स्तर ने खतरे की घंटी बजा दी है।
बीबीएमबी पर एफआईआर
पंडोह डैम प्रबंधन के खिलाफ पावर कॉरपोरेशन के डायरेक्टर ने एफआईआर दर्ज करवाई है। इसमें चेतावनी सिस्टम को नजरअंदाज कर पानी छोड़ने और पुराने नुकसानों को आधार बनाया गया है। एसपी साक्षी बर्मा ने पुष्टि की कि मंडी सदर थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है।
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