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चूड़धार मंदिर में प्रवेश शुल्क आदेश पर रोक, श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों के दबाव के आगे झुका वन विभाग

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चूड़धार

27 दिनों से जारी विरोध के बाद आदेश वापस, मुख्यमंत्री से लेकर विपक्ष तक उठा मामला

जनभावनाओं के आगे झुका विभाग, शुल्क आदेश स्थगित
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल चूड़धार मंदिर में श्रद्धालुओं से लिए जा रहे उपयोगकर्ता शुल्क को लेकर उपजे जनविरोध और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच हिमाचल प्रदेश वन विभाग की वन्यजीव विंग ने 27 मई को बड़ा फैसला लेते हुए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। विभाग ने 2 अप्रैल 2025 को यह अधिसूचना जारी की थी, जिसके तहत चूड़धार वन्यजीव अभयारण्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों से ईको डेवलपमेंट शुल्क वसूला जा रहा था।

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विरोध ने लिया बड़ा रूप, सरकार तक पहुंची गूंज
इस निर्णय के खिलाफ श्रद्धालुओं में लगातार रोष बढ़ रहा था। यह मामला सिर्फ धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच भी प्रमुख मुद्दा बन गया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस शुल्क को ‘मुगलकाल के जजिया कर’ से तुलना करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। वहीं, स्थिति को तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी सफाई देनी पड़ी।

शिरगुल महाराज की आस्था को लेकर एकजुट हुए श्रद्धालु
चूड़धार चोटी, जो समुद्र तल से 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, शिरगुल महाराज की तपोभूमि मानी जाती है। यह स्थल सिरमौर, शिमला, सोलन, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली सहित लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। पिछले 27 दिनों से यहां यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से शुल्क वसूला जा रहा था, जिसे लेकर व्यापक असंतोष व्याप्त था।

धार्मिक संगठनों और संत समाज ने किया विरोध
चूड़ेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष भगमल नंटा, शारदा मठ के स्वामी कमलानंद महाराज, मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीप राम शर्मा और कई अन्य संतों ने इस शुल्क को धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात बताया। उन्होंने कहा कि आस्था पर कोई कर नहीं हो सकता और वन विभाग ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सराहनीय फैसला लिया है।

वन विभाग तैयार करेगा नया पारदर्शी मॉडल
वन विभाग ने कहा है कि भविष्य में एक नया और पारदर्शी मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को छूट दी जाएगी और केवल पर्यटकों से उचित शुल्क लिया जाएगा। तब तक के लिए 2 अप्रैल की अधिसूचना स्थगित रहेगी। इस आदेश के अनुपालन के लिए नौहराधार वन्यजीव रेंज और चूड़धार इको-डेवलपमेंट कमेटी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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