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क्या जयराम सरकार मंत्रिमंडल में है बड़े फेरबदल की संभावना!

SAPNA THAKUR | 30 जनवरी 2022 at 10:16 am

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HNN/ नाहन

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावनाएं फिर से तेज हो गई हैं। जानकारी तो यह भी है कि गुड परफॉर्मेंस विधायकों में डॉक्टर बिंदल का नाम भी शामिल है। केंद्रीय सूत्रों की बात की जाए तो संभवत विधायक को पुराना विभाग फिर से सौंपा जा सकता है। वही वरिष्ठता की सूची में शामिल रहे तथा नाराज चल रहे पूर्व मंत्रियों व विधायकों में से भी फेरबदल की सूची में शामिल किए जाने की चर्चा है।

गौरतलब हो कि प्रदेश के उप चुनाव में 4 सीटें हारने के बाद प्रदेश में बदलाव की चर्चाएं काफी तेज हुई थी। ओवरऑल प्रदेश के मुख्यमंत्री द बेस्ट साबित रहे हैं। जिसको लेकर यह तो स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री यथावत अपनी जगह पर बने रहेंगे। जबकि दो बड़े विभाग ऐसे हैं जिनमें फेरबदल की संभावनाएं ज्यादा तेज है। दोनों बड़े विभागों में जो आउटपुट केंद्र सरकार के फ्री हैंड के बाद निकल कर आना चाहिए था वह नहीं आ पाया है। जबकि पीएम नरेंद्र मोदी उस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए दो बार प्रदेश में आ चुके हैं।

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सबसे बड़ी बात तो यह है कि वर्ष 2022 चुनाव की बड़ी चुनौती भाजपा के सामने खड़ी है । ऐसे में पार्टी को कुछ धुरंधर तीरंदाजों की भी जरूरत पड़ सकती है जो राजनीति के साथ कूटनीति में भी मास्टर है। माना जा रहा है उपचुनाव में गुटबाजी भी काफी प्रखर रही थी। ऐसे में फेरबदल में ऐसे धुरंधरों को शामिल कर नई रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है।

पुष्ट सूत्रों के अनुसार यह भी पता चला है जुब्बल-कोटखाई सीट पर नाराज चेहरे को 2022 के लिए फिक्स एंट्री किया जा सकता है, हालांकि यह सिर्फ संभावना है। राजनीति के गणित के फिक्स फार्मूले हैं पर उनको इस्तेमाल कब और कैसे किया जाना है इसके लिए सफल नीतिकार की जरूरत होती है। बरहाल मुख्यमंत्री इस समय फेरबदल की आशंका से इंकार नहीं कर रहे हैं, तो निश्चित ही यह फेरबदल हो सकता है।

इस फेरबदल का बड़ा इशारा पड़ोसी राज्य के चुनाव के लिए भी माना जा सकता है। भाजपा का यह स्पष्ट संदेश है मंत्रियों की गुड परफॉर्मेंस और संगठन में निष्ठा निश्चित रूप से होनी चाहिए। अनुशासनहीनता पर भाजपा अनुशासनात्मक कार्यवाही करने से भी चूकती नहीं है। बरहाल, अब देखना यह भी होगा कि क्या रमेश धवाला सहित तीन और नाम शामिल हो सकते हैं या फिर केवल दो ही विभाग बदले जा सकते हैं।

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