अनपढ़ कंगना को विपुल ने दी इतिहास पढ़ने की नसीहत

HNN / नाहन

सिल्वर स्क्रीन की बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के विवादित बयान पर सिरमौर एनएसयूआई भड़क गई है। देश को 2014 में आजादी मिलने का बयान देने वाली कंगना रनौत का एनएसयूआई द्वारा जिला मुख्यालय नाहन में पुतला भी फूंका गया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष विपुल शर्मा ने कंगना के बयान को लाखों शहीदों का अपमान बताते हुए देशद्रोही करार दिया है। विपुल शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि शहीदों तथा क्रांतिकारियों का अपमान करने वाली कंगना के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कंगना को अनपढ़ करार देते हुए फिर से स्कूल जाने की नसीहत दी है। विपुल ने कहा कि यदि कंगना स्कूल में गई होती और इतिहास पढ़ा होता तो संभवत ऐसा बयान कभी ना देती। उन्होंने कंगना को याद दिलाते हुए कहा कि भारत को आजादी 1947 में मिली थी, ना कि 2014 में। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा का अग्रणी संगठन खुद को देशभक्त बताता है मगर अभी तक उनकी ओर से कंगना के खिलाफ कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है। उन्होंने इसे संघ की दोगली नीति करार देते हुए भूल स्वीकार कर माफी मांगने के लिए भी कहा है।

उन्होंने कहा कि हैरानी इस बात की है कि अभी तक ना तो मुख्यमंत्री का कोई बयान आया है और ना ही प्रदेश की भाजपा ने कोई विरोध दर्ज किया है। जाहिर है भाजपा और अन्य संगठन कहीं ना कहीं कंगना रनौत को समर्थन दे रहे हैं। 2014 में आजादी मिलना कहने वाली कंगना रनौत को शायद यह नहीं मालूम है कि लाखों क्रांतिकारियों ने अपने खून से देश को सींचा है। उन्होंने कहा कि कंगना के इस बयान से प्रदेश को पूरे देश और दुनिया में आज शर्मसार होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विदेशी मीडिया में कंगना के बयान के बाद बड़ी खिल्ली भी उड़ाई जा रही है।

जिसको लेकर आज पूरा देश दुनिया के आगे शर्मसार हो रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कंगना अगर हिमाचल में प्रवेश करती है तो उसको सीमा से बाहर ही रोक दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द कंगना के ऊपर आपत्तिजनक देशद्रोही बयान देने पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि एक नारी होने के नाते उसने भारत मां का अपमान किया है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के अतुल चौहान, आदित्य चौहान, विक्की, निशू सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।