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HNN/ नाहन

डिस्टिक सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन के द्वारा हिमाचल प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन महासचिव दीपक शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डीएसएफए के अध्यक्ष नरेंद्र थापा तथा महासचिव मनोज पटेट ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता रखते हुए बड़ा खुलासा किया है। नरेंद्र थापा ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन सिरमौर गैर कानूनी ढंग से डिस्टिक सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन के रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल कर रही है। यही जिला सिरमौर से फुटबॉल को हाशिए पर पहुंचाने को लेकर भी दीपक शर्मा को जिम्मेवार ठहरा दिया गया है। वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि संघ का असली नाम जिला सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन नाहन था।

जिसके अध्यक्ष आई ए एस ओंकार शर्मा तथा महासचिव राम सिंह थापा थे। यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से जुटाई गई थी। उन्होंने बताया कि ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में ही कार्यकारिणी के द्वारा जिला सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन का संविधान लिखकर रजिस्ट्रेशन करवाई गई थी। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 358/ 2003 है। थापा ने बताया कि 2003 के बाद संघ के कभी चुनाव नहीं हुए। उपायुक्त सिरमौर के आदेशों के अनुसार वर्ष 2021 में पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए आदेश जारी किए गए। यह चुनाव डॉक्टर के पी सिंह जो कि सेवानिवृत्त कॉलेज के प्रिंसिपल थे उनकी देखरेख में हुए थे।

नई कार्यकारिणी के गठन की प्रतिलिपियां डीसी सिरमौर एचपीएफए के महासचिव तथा जिला युवा एवं खेल विभाग को प्रेषित कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि डीएफएसी महासचिव दीपक शर्मा ने इसकी प्रति लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ समय के बाद दीपक शर्मा के द्वारा राजनीतिक सहारा लेते हुए असली संघ के समानांतर दूसरा संग बना दिया। नरेंद्र थापा ने आरोप लगाया कि दीपक शर्मा के द्वारा गैर संवैधानिक तौर पर बनाए गए ना केवल कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया गया है बल्कि इसका नाम भी तकनीकी तौर पर बदला है।

दीपक शर्मा के द्वारा इतना ही नहीं बल्कि गैर कानूनी तौर पर पहले से रजिस्टर्ड जिला सिरमौर फुटबॉल संघ का रजिस्ट्रेशन नंबर 358/2003 भी अपने लेटर हेड पर लिखा गया है। उनके द्वारा ऐसा किया जाना साफ तौर पर किसी बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। इस फर्जीवाड़े में अकेले दीपक शर्मा ही नहीं बल्कि एक बड़े भाजपा नेता का भी शामिल होना बताया गया है। इस मामले को लेकर कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य डीसी सिरमौर के पास भी गए। उन्होंने बताया कि डीसी सिरमौर भी राजनीतिक दबाव के चलते सही और गलत में फर्क नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने उपायुक्त की कार्यप्रणाली पर भी संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि जब संघ का रजिस्ट्रेशन खुद उस दौरान के डीसी के द्वारा किया गया था और संविधान भी उन्हीं के द्वारा तैयार किया गया था तो मौजूदा उपायुक्त उन आदेशों को सुप्रसीड नहीं कर सकते। वही महासचिव मनोज पटेट ने बताया कि कोविड काल के दौरान ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के द्वारा 25 लाख रुपए अलग-अलग इंस्टॉलमेंट पर प्रदेश के लिए भेजे गए थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पहुंच और फ्रॉड की मंशा से उस पैसे को हजम कर लिया। उन्होंने कहा कि यह पैसा किसी भी जिला को नहीं मिला। उन्होंने दीपक शर्मा पर फर्जी अकाउंट बनाकर संघ के लिए आने वाले पैसे को खाने का आरोप लगाया है।

डीएसएफए ने एचपीएफए के महासचिव पर फुटबॉल का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दीपक शर्मा की कार्यप्रणाली के चलते सिरमौर में आज तक एक भी जिला स्तरीय गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं हो पाए हैं। यह नहीं बॉयज अंडर 14, 16 तथा 21 का भी जिला स्तरीय टूर्नामेंट नहीं करवाया गया है। उन्होंने कहा कि केवल सीनियर वर्ग का ही एक या दो बार जिला स्तरीय टूर्नामेंट करवाया गया है। संघ के द्वारा हिमाचल प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष बलदेव तोमर की नियुक्ति पर भी सवालिया निशान लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बलदेव तोमर का फुटबॉल के प्रति जरा भी रुझान नहीं है यही वजह है कि जिला सिरमौर में फर्जी तरीके से चल रहे डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन सिरमौर को वह पूरा संरक्षण दे रहे हैं।

डिस्ट्रिक्ट सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन ने आरोप लगाते हुए कहा कि फुटबॉल टूर्नामेंट के नाम पर चंदा उगाही भी की जाती है जिसका पूरा का पूरा पैसा यह खुद डकार जाते हैं। यही नहीं जहां जिला में स्थानीय युवाओं को फुटबॉल के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए वही दीपक शर्मा बाहरी खिलाड़ियों को प्रमोट करते हैं ना कि स्थानीय खिलाड़ियों को। जिला सिरमौर फुटबॉल एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके द्वारा जल्द दीपक शर्मा के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई जाएगी साथ ही माननीय न्यायालय के द्वारा फर्जी रूप से चलाई जा रही दीपक शर्मा की डिस्टिक फुटबॉल एसोसिएशन सिरमौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की जाएगी।

आयोजित प्रेस वार्ता में जिला सिरमौर फुटबॉल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवराज शर्मा, प्रधान गजेंद्र, सचिव महेंद्र क्षेत्री, सह सचिव अमरजीत सिंह परमार, लीगल एडवाइजर वीरेंद्र पाल, जितेंद्र शाही, राजेश मल्होत्रा, डॉक्टर जफर अली, नरेंद्र, गौरव तथा प्रेस फैक्ट्री सुधीर रमोल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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