परख सर्वे-24 का आयोजन
हिमाचल प्रदेश में 4 दिसंबर को परख सर्वे-24 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 1215 स्कूलों में बच्चों की सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। यह सर्वे समग्र शिक्षा द्वारा आयोजित किया जाएगा, और इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि यह सर्वे प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिसमें रैंडम सैंपलिंग के माध्यम से 1215 स्कूलों का चयन किया गया है।
1215 स्कूलों में होगा सर्वे, शिक्षक नहीं होंगे उपस्थित
सर्वे में शिक्षकों की अनुपस्थिति
राजेश शर्मा ने बताया कि परख सर्वे स्कूलों के शिक्षकों के सामने नहीं किया जाएगा। इस सर्वे को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 1367 डीएलएड प्रशिक्षु इनविजिलेटर के रूप में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, सीबीएसई के 1215 सुपरवाइजर भी सर्वे के दौरान स्कूलों में तैनात रहेंगे। हर स्कूल में एक सुपरवाइजर होगा, जो सर्वे की प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
बच्चों के लिए अलग-अलग विषयों में किया जाएगा मूल्यांकन
परख सर्वे में शामिल विषय
इस सर्वे में विभिन्न कक्षाओं के बच्चों का ज्ञान मूल्यांकन किया जाएगा। तीसरी से छठी कक्षा के बच्चों के लिए भाषा, गणित और विज्ञान (EVS) का मूल्यांकन होगा। वहीं, नौवीं कक्षा के छात्रों का भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों पर टेस्ट लिया जाएगा। यह सर्वे OMR शीट के माध्यम से किया जाएगा, और प्रत्येक क्लास से अधिकतम 30 बच्चों को इसमें शामिल किया जाएगा।
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कम छात्रसंख्या वाली कक्षाओं को छोड़ा जाएगा
जिन कक्षाओं में बच्चों की संख्या 5 से कम होगी, उनका सर्वे नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री द्वारा सर्वे की मॉनिटरिंग
शिक्षा मंत्री की निरंतर निगरानी
राजेश शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर परख सर्वे की तैयारियों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस सर्वे के बारे में चर्चा की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की तैयारी को लेकर जीरो आवर भी लगाए जा रहे हैं, और विद्या समीक्षा केंद्र के पोर्टल पर सर्वे से संबंधित प्रश्नपत्र डाले गए हैं, जिनका अभ्यास स्कूलों में बच्चों को कराया जा रहा है।
मॉक टेस्ट से बच्चों की तैयारी
मॉक टेस्ट का आयोजन
समग्र शिक्षा निदेशक ने बताया कि बच्चों की तैयारी को लेकर तीन मॉक टेस्ट पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं। पहले मॉक टेस्ट में 1.60 लाख छात्र शामिल हुए थे, दूसरे में 1.76 लाख और तीसरे टेस्ट में सरकारी और निजी स्कूलों के मिलाकर 3 लाख छात्रों ने भाग लिया। ये मॉक टेस्ट OMR शीट पर कराए गए थे, ताकि बच्चों की तैयारी और सटीकता को माप सकें।
बेहतर परिणाम की उम्मीद
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्यान शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं, और इस बार इन प्रयासों का असर परख सर्वे-24 में दिखाई देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिमाचल प्रदेश इस बार परख सर्वे में बेहतर प्रदर्शन करेगा, और बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार देखने को मिलेगा।
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