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भोटा चैरिटेबल अस्पताल पर महत्वपूर्ण फैसला / प्रदेश सरकार विंटर सत्र के पहले दिन विधानसभा में लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेगी

हिमाचलनाउ डेस्क 1 Dec 2024 Edited 1 Dec 1 min read

Himachalnow / शिमला

मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के भोटा चैरिटेबल अस्पताल से संबंधित भूमि हस्तांतरण के मामले पर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश सरकार विंटर सत्र के पहले दिन विधानसभा में लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेगी।

विधेयक का मसौदा तैयार करने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को लैंड सीलिंग एक्ट में आवश्यक संशोधन के लिए विधेयक का मसौदा तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात को स्पष्ट किया कि सरकार भोटा अस्पताल को कार्यशील रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

सुखद समाधान की दिशा में सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए शुरुआत में अध्यादेश लाने पर विचार किया था, लेकिन विधानसभा सत्र के जल्द होने के कारण अब संशोधन विधेयक पेश करना अधिक उपयुक्त रहेगा। उन्होंने बताया कि यह मामला पिछले एक दशक से अनसुलझा था और भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी 2019 में इस पर चर्चा की गई थी।

भोटा अस्पताल के लिए राहत का रास्ता

राधा स्वामी सत्संग ब्यास का प्रस्ताव है कि भोटा अस्पताल को ब्यास डेरा के ही एक अन्य संगठन, महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी को ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए सरकार से अनुमति प्राप्त करना और लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन करना आवश्यक है। इस प्रस्ताव के बाद भोटा के स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मीटिंग में प्रमुख अधिकारी और विधायक उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक सुरेश कुमार और कमलेश ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, महाधिवक्ता अनूप रतन और विधि सचिव शरद कुमार लगवाल भी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए निर्णयों से भोटा के स्थानीय निवासियों में राहत की भावना है।