HNN/ कांगड़ा
कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ बृजेश्वरी देवी मंदिर में सात दिवसीय जिला स्तरीय घृत मंडल का त्योहार आरंभ हो गया है। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के लिए श्रद्धालुओं द्वारा देसी घी दान में देने का सिलसिला शुरू हो गया है। देसी घी से मक्खन बनाने की परंपरा को पूरे रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है। यह परंपरा लंबे अरसे से चली आ रही है कि मकर सक्रांति के दिन से लेकर 7 दिन तक घृत मंडल पर्व मनाया जाता है।
मकर सक्रांति की रात मंदिर के पुजारियों ने करीब 26 क्विंटल मक्खन से मां की पिंडी का शृंगार किया। देसी घी को 101 बार ठंडे जल में रगड़-रगड़ कर मक्खन बनाया जाता है। बता दें कि जिला स्तरीय घृत मंडल पर्व 20 जनवरी तक चलता रहेगा। फिर 20 जनवरी को माता की पिंडी से मक्खन उतारकर इसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। पावन पिंडी पर चढ़ाया गया मक्खन औषधि के रूप में काम करता है।
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मंदिर के पुजारी बताते हैं यह मक्खन चर्म रोग, आंखों की रोशनी व शरीर में दर्द के निवारण के लिए बहुत उपयोगी होता है। शनिवार रात को बृजेश्वरी माता के मंदिर में विशाल भगवती जागरण आयोजित हुआ। श्रद्धालु रात भर जाग कर भजन कीर्तन के साथ माता के जयकारे लगाते रहे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस मक्खन रुपी औषधि को लेने के लिए बृजेश्वरी मां की शरण में आते हैं।
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