भारत में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर ABVP ने संगोष्ठी का आयोजन कर उस दौर को लोकतंत्र के लिए घातक बताया
शिमला
आपातकाल पर ABVP शिमला ने किया कार्यक्रम का आयोजन
25 जून 2025 को भारत में लगे आपातकाल को 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ABVP शिमला महानगर द्वारा आर्यावर्त संस्थान में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने 1975 में लगी इमरजेंसी को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय करार दिया।
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वकील और शिक्षाविदों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आर्यावर्त संस्थान के प्रबंध निदेशक ललित ठाकुर और विशेष अतिथि के रूप में एडिशनल सेंट्रल गवर्नमेंट स्टैंडिंग काउंसिल अंकित चंदेल मौजूद रहे। अधिवक्ता अंकित चंदेल ने बताया कि किस तरह संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग कर 25 जून 1975 को इमरजेंसी लगाई गई, जो 21 मार्च 1977 तक चली। उन्होंने कहा कि इस दौरान लाखों लोगों को बिना कारण जेल में डाला गया और लोकतंत्र को कुचल दिया गया।
MISA कानून के दुरुपयोग पर उठे सवाल
मुख्य अतिथि ललित ठाकुर ने बताया कि किस तरह कांग्रेस सरकार ने MISA जैसे काले कानूनों का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को जेल में यातनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दौर न केवल संवैधानिक मूल्यों के पतन का था, बल्कि आम जनता के अधिकारों को भी दबाने का प्रयास था।
ABVP मनाएगी आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ
ABVP शिमला महानगर के जिला संयोजक दिविज ठाकुर ने बताया कि पूरे वर्षभर आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को लोकतंत्र की अहमियत का एहसास हो सके। संगोष्ठी में ABVP के कई वरिष्ठ सदस्य, कार्यकर्ता व छात्र शामिल हुए।
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