HNN/ऊना/वीरेंद्र बन्याल
जिला ऊना के उपमंडल एवं विकासखंड बंगाणा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोमन्यार के गांव पिपली में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर नई संभावना को बढ़ा दिया है। ग्राम पंचायत मोमन्यार के उप-गांव पीपली गांव के 75 वर्ष के बुजुर्ग किसान रोशन, मदनलाल, निर्मला देवी, रत्नीदेवी व अन्य बागवानों ने लगभग 300 पौधे ड्रैगन फ्रूट के लगाए थे।
जिसमें किसान रोशन लाल व अन्य किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती करने में सफलता हासिल कर युवाओं को मेहनतकश बनने का संदेश दिया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती की कामयाबी से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। बागवानों ने केंद्र सरकार व बागवानी विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्हें उम्मीद है कि ड्रैगन फ्रूट उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारेगा।
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एक वर्ष में ही पौधे में फल आना शुरू हो गया
विकास अधिकारी बंगाणा वीरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2023 में गांव पिपली में 10 बागवानों को लगभग 300 पौधे ड्रैगन फ्रूट के दिए थे और अब 1 साल के बाद ड्रैगन फ्रूटिंग शुरू हो गई है, जिससे बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।
उन्होंने बताया कि पिपली गांव के 10 किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। ध्यानार्थ रहे कि एमआईडीएच एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित बागवानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 18 लाख 75 हजार खर्च किए गए थे।
बाजार में मिलेगी अच्छी कीमत
ड्रैगन फ्रूट सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। इस कारण बाजार में इसकी अच्छी मांग है और उपलब्धता कम। यह फल ढाई सौ से 300 रुपए प्रति किलो कीमत पर बिकता है। ड्रैगन फ्रूट में विटामिन सी, आयरन कैल्शियम और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं।
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