स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त ऊना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियान को और तेज किया है। आधुनिक जांच, निःशुल्क उपचार और जनभागीदारी के जरिए 2026 तक 215 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
टीबी मुक्त ऊना के लिए तेज हुआ अभियान
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ऊना जिला क्षय रोग उन्मूलन के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2026 तक जिले की 215 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ योजनाओं और व्यापक जनभागीदारी के सहारे यह अभियान निर्णायक चरण में पहुंच रहा है।
राज्य सरकार के संकल्प को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के तहत समय पर जांच, निःशुल्क उपचार, पोषण सहायता और जनजागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाया गया है। ऊना जिला इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच सकें।
टीबी जांच दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा के अनुसार जिले में टीबी जांच दर में बड़ा इजाफा हुआ है। जहां वर्ष 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 655 जांच होती थीं, वहीं अब यह दर 5063 प्रति लाख तक पहुंच गई है। जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से जांच की जा रही है।
हजारों संभावित मरीजों की जांच
वर्ष 2024 में 29,176 संभावित रोगियों की जांच की गई, जिनमें 802 मरीज चिन्हित हुए। वर्ष 2025 में अब तक 31,059 संभावित रोगियों की जांच के बाद 530 मामलों की पुष्टि हुई है। समय पर पहचान और उपचार के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
पंचायतों को किया जा रहा क्षय रोग मुक्त घोषित
अब तक जिले की 105 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2025 के लिए 163 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
ऊना को मिले राज्यस्तरीय स्वर्ण पदक
जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 81,798 एक्स-रे किए गए और वर्ष 2026 में एक लाख से अधिक एक्स-रे करने का लक्ष्य है। उच्च जोखिम आबादी की जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर ऊना को राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदक मिले।
रोगियों को मिल रही पोषण सहायता
टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि गंभीर मरीजों को मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। निक्षय मित्रों के सहयोग से भी रोगियों को पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
जागरूकता के लिए शिविर और आईईसी गतिविधियां
वर्ष 2025 में जिले में 560 निक्षय शिविर आयोजित किए गए। 100 स्कूलों, 245 ग्राम पंचायतों और 80 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीबी जागरूकता से संबंधित दीवार लेखन और आईईसी गतिविधियां करवाई गई हैं।
प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन का जोर
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। नियमित जांच, दवा अनुपालन की निगरानी और पोषण सहायता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आमजन के सहयोग से ऊना जिला तय समय से पहले टीबी मुक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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