सिरमौर
प्रत्येक दिन 10 लाख से अधिक कमाई, 113 बसों का परिचालन, घाटे वाले रूट बंद होने से मिला फायदा
जिला सिरमौर में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सेवाएं यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी हैं। चौपहिया वाहन मालिक भी अब निजी वाहनों के बजाय निगम की बसों में यात्रा करना अधिक सुरक्षित और किफायती मान रहे हैं। इसका असर एचआरटीसी की रोजाना आय पर भी देखने को मिल रहा है।
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रोजाना 10.30 लाख की इनकम, हर दिन 55 हजार का अतिरिक्त मुनाफा
क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा ने बताया कि एचआरटीसी सिरमौर डिपो की आय में गत वर्ष की तुलना में प्रतिदिन 55000 रुपये की वृद्धि हुई है। फिलहाल प्रतिदिन निगम लगभग 10 लाख 30 हजार रुपये की कमाई कर रहा है। यात्रियों की संख्या में भी करीब 10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।
122 रूटों पर दौड़ रही हैं 113 बसें, लंबे रूटों में भी सेवा
जिले में एचआरटीसी की कुल 113 बसें 122 विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं, जिनमें 20 लॉन्ग रूट शामिल हैं। सिरमौर से दिल्ली, मनाली, मणिकरण, हरिद्वार, बैजनाथ, धर्मशाला, देहरादून और अमृतसर के लिए नियमित सेवाएं जारी हैं।
बेहतर प्रबंधन, बसों की स्थिति में सुधार से बढ़ा भरोसा
मुनाफे में बढ़ोतरी की एक वजह घाटे वाले रूटों को बंद करना और बसों की स्थिति में सुधार माना जा रहा है। अभी जिला सिरमौर के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल नहीं हैं, लेकिन सभी 113 बसें अच्छी स्थिति में हैं। हालांकि वोल्वो बसें यहां नहीं हैं, फिर भी चार एसी डीलक्स बसें लंबी दूरी की यात्राओं में यात्रियों को आरामदायक अनुभव दे रही हैं।
जल्द शामिल होंगी इलेक्ट्रिक बसें
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि जल्द ही सिरमौर डिपो के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा और भी किफायती और पर्यावरण के अनुकूल हो सकेगी।
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