घुमारवीं कस्बे में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द निजात मिलने जा रही है। बस स्टैंड से पुराने सीरखड्ड पुल तक बन रहे बाईपास से यातायात सुगम और सुरक्षित होगा।
बिलासपुर/घुमारवीं
बाईपास निर्माण कार्य अंतिम चरण में
बिलासपुर जिला के सबसे बड़े कस्बे घुमारवीं में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बाईपास सड़क निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड घुमारवीं से पुराने सीरखड्ड पुल तक यह बाईपास तैयार किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से कस्बे के भीतर लगने वाले रोजमर्रा के ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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750 मीटर लंबा होगा बाईपास मार्ग
यह बाईपास सड़क करीब 750 मीटर लंबी है, जो बस स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप से शुरू होकर घुमारवीं थाना, नाहर सिंह मंदिर होते हुए पुराने सीरखड्ड पुल तक पहुंचेगी। परियोजना को आगामी मार्च माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
कस्बे पर यातायात का दबाव होगा कम
घुमारवीं उपमंडल मुख्यालय होने के कारण प्रशासनिक, शैक्षणिक और व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है। इसके अलावा यह कस्बा कांगड़ा–शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। अत्यधिक भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। बाईपास बनने से भारी और बाहरी यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे कस्बे के भीतर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों को मिलेगी राहत
नगर परिषद घुमारवीं के पार्षद कपिल शर्मा ने बताया कि गांधी चौक से तहसील कार्यालय तक अक्सर जाम की स्थिति रहती है, जिससे आम लोगों और दुकानदारों को परेशानी होती है। बाईपास बनने से बसों और भारी वाहनों का दबाव बाजार क्षेत्र से हटेगा। वहीं पार्षद अश्वनी महाजन ने कहा कि जाम की समस्या के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब इस परियोजना से बाजार में रौनक बढ़ेगी और कारोबार को भी लाभ मिलेगा। स्थानीय व्यापारी वर्ग का भी मानना है कि बाईपास से आवागमन आसान होगा और ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री के प्रयासों से मिली गति
स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं बाजार में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या रही है। इसके कारण आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित बस स्टैंड से पुराने सीरखड्ड पुल तक बाईपास निर्माण की मांग को अब मूर्त रूप दिया गया है।
मार्च तक लोगों को समर्पित करने का लक्ष्य
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह बाईपास मार्ग शीघ्र ही पूरा कर लोगों को समर्पित किया जाएगा। इससे घुमारवीं कस्बे को ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगी।
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