दुर्घटना पीड़ितों के साथ खड़ी हुई विधिक सेवा, कानूनी मदद का भरोसा
नाहन
हरिपुरधार में हुए भीषण बस हादसे ने पूरे सिरमौर जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हुई है, वहीं 52 यात्री घायल हुए हैं। ऐसे हालात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर ने मैदान में उतरते हुए दुर्घटना से प्रभावित घायलों और मृतकों के परिजनों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया है।
हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने नाहन, ददाहू और संगड़ाह के अस्पतालों में पहुंचकर उपचाराधीन घायलों, उनके परिजनों और मृतकों के परिवारों से सीधे संवाद किया।
इस दौरान प्राधिकरण से जुड़े चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसल सुभाष शर्मा और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसल मनजीत सिंह ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा, बीमा दावों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर आवश्यक जानकारी दी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पीड़ित परिवारों को अस्पतालों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नाहन, ददाहू और संगड़ाह में पैरा लीगल स्वयंसेवक कमला, लेखराज और विजय कुमार की तैनाती की गई है। ये स्वयंसेवक घायलों के इलाज से जुड़े मामलों, परिजनों की सहायता और प्रशासनिक समन्वय का कार्य कर रहे हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़ितों और उनके परिजनों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए वे सीधे संपर्क कर सकें।
इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल से समन्वय कर घायलों के उपचार और देखभाल को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
यह पूरी पहल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, के निर्देशन में की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की बड़ी दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर कानूनी मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलना बेहद आवश्यक है।
हरिपुरधार बस हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर की यह सक्रियता पीड़ित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई है, जिससे इस कठिन समय में उनके कानूनी और मानसिक दबाव को कम करने में मदद मिल रही है।