मनरेगा से गांधी हटाकर गरीबों की रीढ़ तोड़ रही भाजपा: अजय सोलंकी

By Shailesh Saini Published: 11 Jan 2026, 1:32 PM | Updated: 11 Jan 2026, 2:02 PM 1 min read

आनंद परमार के नेतृत्व में यशवंत चौक पर भूख हड़ताल व विरोध प्रदर्शन

नाहन

केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उसे “जी राम जी मनरेगा” किए जाने के विरोध में जिला सिरमौर कांग्रेस रविवार को सड़कों पर उतर आई।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार के नेतृत्व में जिला मुख्यालय नाहन के यशवंत चौक पर डॉ. वाईएस परमार यशवंत सिंह हिमाचल निर्माता की प्रतिमा के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन और सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया।

मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत पर सीधा हमला करार दिया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने कहा कि केंद्र सरकार को महात्मा गांधी के नाम से इतना डर क्यों है कि देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना से उनका नाम हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम सभी के आराध्य हैं, लेकिन भगवान के नाम पर राजनीति करना भाजपा सरकार को शोभा नहीं देता। यह फैसला गांधी की विचारधारा को मिटाने और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की साजिश है।

आनंद परमार ने मनरेगा की फंडिंग व्यवस्था में किए गए बदलाव पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा की पूरी राशि केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार की हिस्सेदारी तय कर दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्यों पर आर्थिक बोझ डालकर मनरेगा को कमजोर करने और गरीबों का हक छीनने की दिशा में काम कर रही है।इस सांकेतिक भूख हड़ताल में स्थानीय विधायक अजय सोलंकी भी शामिल हुए।

विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के विचारों और संघर्ष से जन्मी योजना है, जिसने करोड़ों गरीब परिवारों को सम्मान के साथ रोजगार दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गांधी को योजनाओं से नहीं, बल्कि देश की सोच से हटाना चाहती है। मनरेगा से गांधी का नाम हटाना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीबों की रीढ़ तोड़ने और संविधान की मूल भावना पर प्रहार करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

इस विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जी आर मुसाफिर, पूर्व विधायक पांवटा साहिब किरनेश जंग, पूर्व विधायक राजेंद्र ठाकुर, महिला कांग्रेस वरिष्ठ नेता प्रोमिला ठाकुर, आराधना राणा,

पार्षद राकेश गर्ग, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग उर्फ मोंटी, निखिल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व प्रधान सत्यराम चौहान, मनीराम पुंडीर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा के मूल स्वरूप और महात्मा गांधी के नाम को योजना में बहाल करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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