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कालाअम्ब में डिजिटल क्रांति पर मंथन: गुरुप्यारा राम बोले—तकनीकी बदलाव ही उद्योगों की सफलता का मूल मंत्र

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 17 दिसंबर 2025 at 5:39 pm

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औद्योगिक क्षेत्र कालाअम्ब में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में उद्योग विभाग कालाअम्ब के सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए उद्योगपतियों का मार्गदर्शन किया।

कालाअम्ब (सिरमौर):

एमएसएमई को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर

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औद्योगिक क्षेत्र कालाअम्ब में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में उद्योग विभाग कालाअम्ब के सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए उद्योगपतियों का मार्गदर्शन किया।

डिजिटल बदलाव को बताया उद्योगों की सबसे बड़ी जरूरत

कार्यशाला को संबोधित करते हुए गुरुप्यारा राम ने उद्योगों के भविष्य और आधुनिकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एम.एस.एम.ई. क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है और उद्योगपतियों को चाहिए कि वे सरकारी योजनाओं व आधुनिक पहलों का सक्रियता से लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हमारा सूक्ष्म और लघु उद्योग तकनीक के साथ कदम मिलाएगा, तभी हम एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार कर पाएंगे। गुरुप्यारा राम ने जोर देकर कहा कि डिजिटल परिवर्तन अब कोई विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि यह आज के दौर में उद्योगों की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने भविष्य में सतत विकास के लिए सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने और ऐसी तकनीकी पहलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया।

एआई, आईओटी और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर विशेषज्ञों की जानकारी

इस अवसर पर सी.ई.एल. के विषय विशेषज्ञ इलयाराजा सावरी मारियादास ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), मशीन लर्निंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसी डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे क्लाउड कंप्यूटिंग, ई.आर.पी. और सी.आर.एम. सिस्टम जैसे आधुनिक टूल उद्योगों के संचालन को सरल बनाकर गुणवत्ता में सुधार और लागत में कमी लाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

रैंप योजना के तहत उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा की तैयारी

कार्यशाला में भारत सरकार के एम.एस.एम.ई. मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘आर.ए.एम.पी.’ (RAMP) पहल के उद्देश्यों पर भी चर्चा की गई, जिसका लक्ष्य लघु उद्योगों के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस जागरूकता सत्र में दर्जनों स्थानीय उद्योगपतियों ने भाग लिया और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह दिखाया।

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