आठ दिसंबर को दुर्घटनाग्रस्त हुए सीडीएस बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश मामले में आज हादसे के कारणों का खुलासा हुआ है। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में हेलिकॉप्टर दुर्घटना के कारणों के रूप में तकनीकी विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही को खारिज किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी तरह की कोई साजिश नहीं थी। भारतीय वायुसेना ने कहा है कि हेलिकॉप्टर दुर्घटना (Mi-17 V5) में ‘ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ ने अपने प्रारंभिक निष्कर्ष सौंप दिए हैं, इस हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और 13 अन्य की मृत्यु हो गई थी।

वायुसेना ने कहा, ”आठ दिसंबर को अप्रत्याशित ढंग से मौसम में बदलाव के कारण बादलों में प्रवेश के परिणामस्वरूप हेलिकॉप्टर दुर्घटना हुई, जिससे पायलट का भटकाव हुआ।” जांच कमेटी ने वायुसेना और थलसेना के संबंधित अधिकारियों के बयान रिकॉर्ड किए हैं।