Himachalnow / शिमला
अप्रैल 2025 से बीपीएल परिवारों की सूची की समीक्षा की जाएगी
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीपीएल (Below Poverty Line) परिवारों की सूची में संशोधन करने का निर्णय लिया है। अप्रैल 2025 से बीपीएल परिवारों की सूची की समीक्षा की जाएगी और अपात्र परिवारों को बाहर किया जाएगा। इस फैसले के तहत केवल उन परिवारों को सूची में शामिल किया जाएगा, जो सचमुच आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
सीएम ने यह फैसला शिमला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान लिया। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। यह कदम राज्य सरकार की ओर से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले असली जरूरतमंदों को सही लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
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बीपीएल सूची में अपात्र परिवारों की मौजूदगी पर सवाल
कई बार बीपीएल परिवारों को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं, जिसमें कुछ परिवारों के पास एसी, गाड़ियां और बड़े घर जैसे लग्ज़री सामान होने की तस्वीरें सामने आई थीं। इन मामलों ने सवाल उठाए थे कि क्या ये परिवार सचमुच बीपीएल सूची में शामिल होने के योग्य हैं? मुख्यमंत्री सुक्खू ने इन परिस्थितियों को देखते हुए इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस की।
नए मापदंडों का निर्धारण
सीएम सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीपीएल सूची में केवल उन परिवारों को शामिल किया जाए जो वास्तविक रूप से गरीब हैं। इसके लिए नए मापदंड तैयार किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मापदंड 5 जनवरी, 2025 तक तैयार किए जाएंगे और इसके बाद मंत्रिमंडल से स्वीकृति ली जाएगी।
नए दिशा-निर्देशों को 2025 में होने वाली ग्रामसभा में आम जनता के बीच साझा किया जाएगा। इससे नागरिकों को बीपीएल सूची की छंटनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिलेगी और उनकी आपत्तियों का समाधान भी हो सकेगा।
छंटनी प्रक्रिया में पारदर्शिता
बीपीएल परिवारों की छंटनी के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक उप-मंडल स्तर की दो सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति उप-मंडलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी से मिलकर बनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीपीएल सूची में केवल पात्र परिवारों को शामिल किया जाए।
इस प्रक्रिया में ग्रामसभा द्वारा अनुशंसित बीपीएल परिवारों की सूचियों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रहे।
वार्षिक आय संशोधन पर विचार
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बीपीएल परिवारों का चयन करने के लिए वार्षिक आय में संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ही बीपीएल सूची में शामिल हों।
शिकायतों और आपत्तियों का निवारण
बीपीएल परिवारों की अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की आपत्ति को संबंधित उपायुक्त और मंडलायुक्त के पास प्रस्तुत किया जा सकता है। इन अधिकारियों के पास शिकायतों की समीक्षा और समाधान करने का अधिकार होगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नई पहल
महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। महिला स्वयं सहायता समूहों के विभिन्न उत्पादों के प्रचार और होम डिलीवरी के लिए एक वेबसाइट शुरू की जाएगी। यह कदम महिलाओं को अपने उत्पादों को बेचने और अपने आर्थिक हालात सुधारने का अवसर देगा।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव राजेश शर्मा, निदेशक राघव शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
हिमाचल प्रदेश में बीपीएल परिवारों की छंटनी की प्रक्रिया के तहत अपात्र परिवारों को बाहर किया जाएगा, ताकि केवल सच्चे गरीबों को इस सूची में रखा जाए और उन्हें सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिले। मुख्यमंत्री सुक्खू की इस पहल से राज्य में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की पहचान में सुधार आएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
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