बेंगलुरु
चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मामले में आरसीबी, आयोजक और क्रिकेट संघ पर लापरवाही का आरोप
एफआईआर में कई धाराएं लगीं, हाईकोर्ट और एनएचआरसी ने लिया संज्ञान
आईपीएल जीतने के अगले ही दिन 4 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने बिना पुलिस की अनुमति के विक्ट्री परेड निकाल दी। भीड़ बेकाबू हो गई और चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक घायल हो गए। अब कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में आरसीबी, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए और कर्नाटक क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
स्टेडियम में जश्न रोकने का अनुरोध भी ठुकराया
पुलिस ने पहले ही आयोजकों को चेताया था कि भीड़ बहुत अधिक है और जश्न को टाल दिया जाए। उन्होंने 8 जून को कार्यक्रम करने का सुझाव दिया था, लेकिन आरसीबी ने विदेशी खिलाड़ियों के जल्दी लौटने का हवाला देकर 4 जून को ही आयोजन कर डाला। नतीजतन स्टेडियम के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाईकोर्ट और एनएचआरसी ने जताई कड़ी आपत्ति
इस त्रासदी पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी घटना पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने कहा कि लाशों के बीच स्टेडियम के भीतर उत्सव जारी रहना बेहद अमानवीय है। आयोग ने उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है।
एफआईआर में ये धाराएं शामिल
एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धाराएं 105, 125(1)(2), 132, 121/1 और 190 आर/डब्ल्यू 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब आयोजकों की लापरवाही की पूरी जांच की जाएगी और प्रशासन ने भी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





