सोलन सबसे आगे, 41 फार्मा उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी जुलाई माह के ‘ड्रग अलर्ट’ के अनुसार, देश भर में मानक से कम गुणवत्ता वाली पाई गई 143 दवाओं में से 60 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश में निर्मित हैं।
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ये दवाएं प्रदेश के 41 विभिन्न दवा उद्योगों द्वारा बनाई गई थीं, जो गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।जांच में फेल हुई इन दवाओं में सामान्य संक्रमण, बुखार, पेट से संबंधित बीमारियों, एलर्जी, उच्च रक्तचाप, दर्द और यहां तक कि मिर्गी व फंगल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवाएं भी शामिल हैं।
यह स्थिति प्रदेश के दवा निर्माण क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।सोलन से सर्वाधिक मामले:जानकारी के अनुसार, जिन जिलों से ये सैंपल सही नहीं पाए गए हैं, उनमें सोलन जिला सबसे ऊपर है, जहाँ अकेले 41 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इसके अलावा, सिरमौर से 6, कांगड़ा से 5 और ऊना से 2 सैंपल भी जांच में फेल हुए हैं।कड़ी कार्रवाई के निर्देश:राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि CDSCO के ड्रग अलर्ट में शामिल सभी दवा कंपनियों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
साथ ही, उन्हें संबंधित बैच की सभी दवाओं का पूरा स्टॉक बाजार से तत्काल वापस मंगवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
यह घटना हिमाचल प्रदेश के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि यह राज्य देश का एक प्रमुख फार्मा हब माना जाता है। गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को और भी सख्त करने की आवश्यकता पर अब विशेष जोर दिया जा रहा है।
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