HNN/ नाहन
मां-बेटे के मिलन के प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला की तैयारियां अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वीरवार 3 नवंबर से मेले का शुभारंभ हो जाएगा। मेले की विपणन व्यवस्थाओं को लेकर कुब्जा पवेलियन में बाहर से आए व्यापारी अब तंबू लगाने में जुट चुके हैं। श्री रेणुका जी विकास बोर्ड इस बार मेले में 345 प्लाट 76 लाख रुपए में आवंटित कर चुका है। इस बार का मुनाफा पिछले वर्ष की तुलना में 14 लाख अधिक पाया गया है।
वही मेले में दुकानें सजाने वाले व्यापारी इस बार चुनाव को लेकर ठंडे बाजार की आशंका को लेकर पशोपेश में है। चूंकि, 12 नवंबर को मतदान भी होना है। जिसके चलते संभवत मतदान से पहले ही प्रशासन मेले में लगे स्टालों को हटाने के भी आदेश दे सकता है। असल में यह मेला एक धार्मिक मेला माना जाता है। मेले में हाजिरी भरना परंपरा का प्रतीक है। बावजूद इसके बहुत से लोग जो चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं उनके चलते मेले में व्यापारियों को घाटे का पूरा-पूरा अंदेशा भी बना हुआ है।
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मेले में लगाई जाने वाली प्रदर्शनियां प्रमुख आकर्षण का केंद्र भी होती हैं। मगर चुनावों के चलते इस बार प्रदर्शनी भी नहीं लगाई गई है। प्रदर्शनियों के ना लगने से बाहरी राज्यों से आने वाला पर्यटक इस बार काफी मायूस भी होगा। बालाजी सरकारी विभागों की एग्जीबिशन की जगह परंपरागत पकवानों और औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जा सकता था। बावजूद इसके इस बार प्रदर्शनियों का मैदान खाली रहेगा।
प्रशासन के द्वारा मेले के सफल आयोजन को लेकर तमाम तैयारियां भी पुख्ता कर ली गई हैं। वही आज मंगलवार को डीएसपी संगड़ाह मुकेश कुमार कानून व्यवस्था आदि का जायजा लेने भी पहुंचे। वही वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के द्वारा झील की मछलियों को आटा खिलाये जाने को लेकर सख्त चेतावनी भी जारी कर दी गई हैं। धार्मिक मान्यता के चलते वाइल्डलाइफ के द्वारा मछलियों के लिए विशेष तरह के चारे का भी इंतजाम करवाया गया है।
बता दें कि इस बार मेले के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि सरकार के मुख्य सचिव उपस्थित होंगे। जबकि समापन पर प्रदेश के राज्यपाल बतौर मुख्य अतिथि होंगे।
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