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शिव मंदिर के अगर मिले हैं प्रमाण तो इज्जत पूर्वक मंदिर को सौंप दें मस्जिद -बॉबी अहमद

SAPNA THAKUR | 22 मई 2022 at 2:29 pm

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HNN/ नाहन

रविवार को ज्ञानवापी मस्जिद और सिरमौर के माजरा में उपजे विवाद पर मुस्लिम नवयुवक सोसायटी के द्वारा एक बड़ा बयान जारी किया गया है। मुस्लिम नवयुवक सोसाइटी के अध्यक्ष बॉबी अहमद ने प्रेस वार्ता आयोजित कर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष से खुदा और भगवान को बदनाम ना करने की नसीहत दी है। माजरा प्रकरण पर जहां बॉबी अहमद ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है तो वही बाहरी लोगो के द्वारा प्रदेश की आबोहवा खराब करने की बात से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति की इस लड़ाई में देवी-देवताओं, नबी, अल्लाह को कोई भी बुरा मत कहो।

उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे षड्यंत्रकारी लोग हैं जो बाहर से आते हैं और यहां कांड कर चले जाते हैं। जिसका खामियाजा हम प्रदेश के मुस्लिम भाइयों को उठाना पड़ता है। ज्ञानवापी मस्जिद पर पूछे गए सवाल के जवाब में बॉबी अहमद ने कहा कि इस्लाम बुत परस्ती की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जिला सिरमौर के मुस्लिम वर्ग की ओर से मांग की है कि यदि ज्ञानवापी मस्जिद में शिव मंदिर के प्रमाण मिले हैं तो मुस्लिम वर्ग को इज्जत पूर्वक मंदिर के लिए मस्जिद को छोड़ देना चाहिए। बॉबी ने कहा कि इस्लाम में सच्चा मुसलमान कुरान के हिसाब से चलता है।

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उन्होंने कहा कि इस्लाम में बड़े मौलाना फतवा जारी करते हैं। फतवे में जायज और नाजायज क्या है उसे हम फॉलो करते हैं। हाल ही में तोड़ी गई मजारों पर भी बॉबी अहमद ने बड़ा बयान जारी किया है। बॉबी अहमद ने मजारों को लेकर 1968 में देवबंद से जारी हुए फतवे का हवाला दिया है। बॉबी अहमद ने कहा कि फतवे में बिल्कुल स्पष्ट रूप से कहा गया है के 1968 के बाद देश में चाहे कोई कितना ही बड़ा मौलाना मुफ्ती अथवा मुसलमान हो उसकी मजार नहीं कब्र बनाई जाएगी।

उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि नाहन से शिमला रोड कालाअंब-पांवटा साहिब तक 41 के लगभग मजारे बनी हुई है। उन्होंने चुनौती के साथ कहा कि इनमें से एक भी मजार किसी भी मुसलमान के द्वारा नहीं बनाई गई है। उन्होंने स्थानीय हिंदू वर्ग के लोगों का नाम के साथ खुलासा करते हुए कहा कि यह सभी मजारे इन्हीं के द्वारा बनवाई गई हैं। उन्होंने हिंदूवादी संगठनों से हाथ जोड़कर निवेदन करते हुए कहा कि उन्हें जेहादी कहकर ना बुलाया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत देश हमारी शान है हमारा हर जन्म इसकी रक्षा में और इसके मान सम्मान में कुर्बान है। उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि हिंदू और मुसलमानों दोनों में ऐसे लोग हैं जो सौहार्द पूर्ण वातावरण को पसंद नहीं करते हैं। बॉबी अहमद ने ऐसे असामाजिक लोगों पर सरकार व प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग भी रखी है। वार्ता के दौरान फिरोज खान, सरफराज, इमरोज, वारिस अहमद, आरिफ रिजवान, अल्ताफ खान यासीन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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