लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

रूप सिंह और बलबीर के पास है रेणुका जी विधानसभा में कमल खिलाने का फार्मूला

SAPNA THAKUR | 25 अगस्त 2022 at 6:41 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

अगर भाजपा ने खेला यह दाव, तो एक बार फिर रह जाएगा सपना अधूरा

HNN/ नाहन

कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में अभी भी विनय कुमार भाजपा पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री का दौरा कल रेणुका जी में होगा मगर राजनीति की बिसात की चौपड़ पर आखिर मोहरा कौन है इस पर संशय बना हुआ है। हालांकि ना केवल जिला अध्यक्ष बल्कि भाजपा के दिग्गज नेता भी नारायण सिंह को विधायक विनय कुमार की काट मानते हैं मगर ऐसा सोचना एक कमजोर रणनीति का हिस्सा माना जाएगा। बड़ी बात तो यह है कि नारायण सिंह पर भाजपा की ओर से ना तो बलबीर चौहान और ना ही रूप सिंह सहित मंडल के भी कई ऐसे सदस्य हैं जो निश्चित रूप पर बगावत करेंगे।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र में बलबीर चौहान ने विकास कार्य करवाने में काफी सफलता ली है बावजूद इसके दो बार चुनाव हारने के चलते उनके टिकट पर तलवार लटक रही है। तो वही पूर्व में विधायक रहे रूप सिंह काफी मजबूत स्थिति में है और विनय कुमार को मात देने में भी वह सक्षम है मगर उनके नाम पर बलवीर और नारायण सिंह सहित कई ऐसे चेहरे हैं जो निश्चित रूप से सहमत नहीं होंगे। ऐसे में तीसरा विकल्प यानी जिस नाम का हम पहले भी जिक्र कर चुके हैं उस चेहरे पर सबसे बड़ी बात तो इस विधानसभा क्षेत्र का यूथ समर्थन भी करता है।

यही नहीं नारायण सिंह की बनिस्बत रूप सिंह और बलबीर चौहान दोनों इस चेहरे पर अपनी सहमति भी दे सकते हैं। ऐसे में यदि भाजपा एकजुट होकर इस आरएसएस से संबंध रखने वाले चेहरे पर समर्थन करते हैं तो निश्चित रूप से इस बार इस विधानसभा क्षेत्र में कमल खिल सकता है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि विनय कुमार इस नाम को लेकर चिंतित भी हैं क्योंकि ऊपरी क्षेत्र की पंचायतों में अरुण कुमार के नाम पर लहर भी चलनी शुरू हो चुकी है। यही नहीं भाजपा के कई दिग्गज चेहरे जिनमें जिला के उपाध्यक्ष का नाम भी शामिल है यह भी अरुण कुमार के नाम पर सहमति देते हुए नजर आते हैं।

तो वही कांग्रेस के विधायक विनय कुमार बिल्कुल भी नहीं चाहेंगे कि अरुण कुमार को रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिले। विनय कुमार की रणनीति इसलिए फेल हो जाती है क्योंकि यदि नारायण सिंह को टिकट मिलता है भाजपा की ओर से तो निश्चित रूप से विनय कुमार पहले से भी कहीं अधिक मार्जिन के साथ जीत हासिल करेंगे। बरहाल देखना अब यह होगा कि क्या प्रदेश संगठन बलबीर चौहान और रूप सिंह को अरुण कुमार के लिए एकजुटता का पाठ पढ़वा पाएंगे या नहीं यह देखना बाकी है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]