लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

फेक आईडी बनाकर अधिकारी को बदनाम करने की रची जा रही है साजिश

Shailesh Saini | 17 जनवरी 2025 at 8:35 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

क्रेशर संचालकों से पैसे खाने का लगता है आरोप,मीडिया एथिक्स की लांघी सारी सीमाएं

अकरम खान प्योर पहाड़ी नाम से फर्जी फेसबुक आईडीबनाकर न केवल जिला के एक आला अधिकारी को बल्कि मीडिया को भी बदनाम करने की साजिश रच रहा है। माना जा रहा है कि जिला का यह पहला ऐसा साइबर क्राइम है जिसमें एआई टूल का इस्तेमाल किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार फेक आईडी बनाने वाले आरोपी के द्वारा पहले भी खनन अधिकारी के नाम को सीधे टारगेट करते हुए फेक आईडी बनाकर झूठी खबरें सोशल मीडिया पर चलाई थी।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

कथित साइबर अपराधी के द्वारा कुछ देर बाद ही फेक आईडी को डिलीट कर दिया गया था। जिला का यह पहला ऐसा साइबर क्राइम है जिसमें सीधे-सीधे ए टूल का इस्तेमाल करते हुए खनन अधिकारी को बदनाम करने की साजिश रची गई है।

खनन अधिकारी के द्वारा इस बाबत साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। हैरानी तो इस बात की है कि साइबर क्राइम का एक्सपर्ट यह शातिर एक बार फिर फेक आईडी बनाकर खनन अधिकारी को सीधे टारगेट कर रहा है।

वही जिला के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी कथित साइबर अपराधी के कारनामे को मीडिया प्रेस एथिक्स के खिलाफ बताया है। प्रेस कर्मी जब भी किसी अधिकारी अथवा विभाग की खबर लिखना है तो जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं उसका पक्ष भी जरूर लेता है।

मगर यहां तो स्वयंभू पत्रकार बना साइबर क्रिमिनल बिना पक्ष के ही आरोप लगा रहा है। जोकि मीडिया जगत में अपराध की श्रेणी में माना जाता है। हैरानी तो इस बात की है कि यह साइबर अपराधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।

हालांकि पुलिस का साइबर सेल फेक आईडी संचालक की जांच में जुटा हुआ है। देखना यह होगा कि यह साइबर अपराधी कब पुलिस की गिरफ्त में होगा। अब यदि बात की जाए फेक आईडी पर चलाए जा रहे वीडियो फुटेज की तो यह वीडियो फुटेज उत्तराखंड के ढलीपुर के समीप यमुना नदी का नजर आता है।

साफ तौर से देखा जा सकता है की फुटेज में जो एरिया दिखाया गया है वह उत्तराखंड में आता है। यही नहीं किसी भी ट्रैक्टर का स्पष्ट नंबर भी नजर नहीं आ रहा है। बड़ी बात तो यह भी है कि जिस रामपुर घाट क्षेत्र के क्रेशरों की बात कथित आरोपी कर रहा है उसमें किसी भी क्रेशर का नाम नहीं बताया गया है।

जाहिर है की फर्जी फेसबुकिया पत्रकार गलत मंशा के साथ सरकार व उसके अधिकारी को बदनाम करने की साजिश रच रहा है।

उधर माइनिंग अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाने वाले फेसबुक संचालक के द्वारा उनसे किसी भी तरह का पक्ष नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]