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पांवटा साहिब में 69वीं राष्ट्रीय स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ, शिक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

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पांवटा साहिब में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप से प्रदेश में खेल संस्कृति को नई पहचान मिली है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

सिरमौर/पांवटा साहिब

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
पीएम श्री राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांवटा साहिब में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स अंडर-14 (छात्र) वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025-26 का शुभारंभ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और प्रतियोगिता में भाग ले रहे प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

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देशभर से 32 राज्यों के खिलाड़ी ले रहे भाग
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पांच दिवसीय इस वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 381 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में 80 से अधिक कोच और ऑफिशियल्स भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग एक दशक बाद राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है, इससे पहले वर्ष 2016 में ऐसी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की भी घोषणा
शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि पांवटा साहिब के बाद जिला सोलन के नालागढ़ में अंडर-19 (छात्रा) कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जबकि जिला बिलासपुर के घुमारवीं में अंडर-19 (छात्रा) हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इन सभी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

शिक्षा और खेल से हो रहा बच्चों का समग्र विकास
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद स्पर्धाओं और आधुनिक सुविधाओं से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज पूर्ण रूप से साक्षर राज्य के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर प्रदेश 21वें स्थान से अब शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत की गई है।

100 सरकारी स्कूल होंगे सीबीएसई से संचालित
उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 100 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को सीबीएसई बोर्ड से संचालित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद मिलेगी।

खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक प्रोत्साहन नीति
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को 5 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। इसी तरह एशियाई, पैरा एशियाई, राष्ट्रमंडल और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों में भी खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

खेल कोटे से खिलाड़ियों को मिला रोजगार
उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए 3 प्रतिशत खेल कोटा के अंतर्गत अब तक 99 खिलाड़ियों को सरकारी रोजगार प्रदान किया जा चुका है। गत वर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने या पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 17 करोड़ 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया, जो सरकार की खेल प्रतिभाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर निदेशक शिक्षा आशीष कोहली, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आनंद परमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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