HNN/ नाहन
एनडीए सरकार का 8 साल का जश्न सिरमौर के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जिला सिरमौर से पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शरीक होने के लिए जिला की 122 बसें देर रात को ही शिमला रवाना हो चुकी थी। बसे ना होने के चलते सरकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चे और आम लोग सड़कों के किनारे बसों का इंतजार करते हुए नजर आए। घंटो गुजर जाने के बाद जब बस नहीं आई तो लोगों ने पैदल ही सड़कें नापनी शुरू कर दी।
कई लोग और बच्चे निजी वाहनों से लिफ्ट लेते हुए भी नजर आए। बता दें कि जिला सिरमौर में पथ परिवहन निगम के पास कुल 120 बसों का बेड़ा है। जिला की पांचों विधानसभा क्षेत्रों से 25-25 बसों का टारगेट शिमला ले जाने के लिए रखा गया था। हालांकि, एचआरटीसी के द्वारा एक दिन पहले ही बस स्टॉप पर 31 तारीख के लिए बसें उपलब्ध ना होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। बावजूद इसके अधिकतर लोगों को बसे उपलब्ध ना होने की जानकारी नहीं मिल पाई।
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जिसके चलते जिला के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सिरमौर से 122 एचआरटीसी की बसे शिमला गई हैं। यही नहीं एचआरटीसी को डिमांड पूरी करने के लिए 43 बसें अन्य डिपो से भी बुलानी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला की 5 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि को 1000 व्यक्ति शिमला कार्यक्रम में ले जाने का टारगेट था। जिसके लिए अधिकतर लोग जहां निजी वाहनों से भी शिमला गए तो वही भाजपा के द्वारा 122 बसों का प्रबंध किया गया था।
आज मंगलवार को जिला सिरमौर पथ परिवहन निगम के पास केवल चार नीली बसे हैं। जिन्हें कुछ खास रूट पर ही लगाया गया है। बाकी अन्य जिला के सभी लोकल रूट बंद पड़े हैं। एचआरटीसी के द्वारा केवल लॉन्ग रूट ही बहाल रखे गए हैं। सुरेंद्र सिंह ठाकुर, जगबीर सिंह, हितेश, अनीता शर्मा, सुनीता, सुषमा आदि का कहना है कि वह सुबह से बस स्टॉप पर खड़े हैं। मगर उन्हें नाहन, स्कूल जाने के लिए बस नहीं मिल पा रही है।
लोगों का कहना है कि जब परिवहन व्यवस्था थी ही नहीं तो स्कूलों और कार्यालयों में छुट्टी की जानी चाहिए थी। लोगों का यह भी कहना है कि यदि छुट्टी नहीं कर सकते थे तो कम से कम आने जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। इस अव्यवस्था के चलते सबसे ज्यादा परेशानी उन ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को उठानी पड़ी जिन्हें मेडिकल चेकअप के लिए मेडिकल कॉलेज या नजदीकी अस्पतालों में जाना था।
वही प्रदेश कांग्रेस महासचिव अजय सोलंकी ने कहा कि भाजपा केवल जश्न मनाने में मशगूल है जनता की परेशानियों से उन्हें कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 8 साल के जश्न के लिए वह भी जो कि केंद्र सरकार का है उसके लिए प्रदेश की जनता की जेबों पर जयराम सरकार ने डाका डाला है। जब जिला की सभी बसें शिमला ले जानी थी तो कम से कम वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला सिरमौर से शिमला गई अधिकतर बसें खाली ही गई है। सोलंकी ने कहा कि चुनावी वर्ष में जनता के पैसों की बर्बादी किया जाना एक निंदनीय कार्य है। प्रदेश के लोग महंगाई से परेशान हैं और सरकार जश्न मनाने में जुटी हुई है।
उधर, अड्डा इंचार्ज सुखराम ठाकुर का कहना है कि जिला सिरमौर से 122 बसें शिमला भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि अन्य डिपो से 43 बसें मंगाई गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि 31 तारीख मंगलवार को बसें उपलब्ध ना होने के लिए पहले से ही सूचना दे दी गई थी।
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