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गुर्जरों के अधिकारों को नजरअंदाज कर सरकार ने जल्दबाजी में लिया हाटी फैसला- किंशुल

SAPNA THAKUR | 15 सितंबर 2022 at 8:47 pm

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HNN/ नाहन

हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिया जाना सरकार के लिए अब एक तरफ कुआं एक तरफ खाई साबित होने लग पड़ा है। केंद्र सरकार द्वारा गिरी पार क्षेत्र के हाटी समुदाय को एसटी में शामिल किए जाने को लेकर प्रदेश का गुज्जर समुदाय सरकार के खिलाफ लामबंद होने लग पड़ा है। आज वीरवार को काला अंब में जिला सिरमौर गुज्जर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हंसराज की अध्यक्षता में विशाल बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में प्रदेश गुज्जर कल्याण बोर्ड युवा मोर्चा के अध्यक्ष किंशुल सहित करीब एक हजार के आसपास गुर्जरों ने हिस्सा लिया। गुज्जर कल्याण बोर्ड युवा मोर्चा अध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही करीब साढ़े चार लाख लोग शेड्यूल ट्राइब में शामिल है। जिन्हें ट्राइब कोटे से साढ़े 7 फीसदी रिजर्वेशन का लाभ मिल रहा है।

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किंशुल ने कहा कि हाटी समुदाय के 1,60000 से अधिक लोगों को इसमें शामिल किए जाने के बाद गुर्जरों के रिसोर्सेज के बंटवारे पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घोषणा को किए जाने से पहले ना तो हमारा कोटा बढ़ाने की बात कही और ना ही उनके अधिकार कैसे सुरक्षित होंगे इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

वही, गुज्जर कल्याण बोर्ड जिला सिरमौर के अध्यक्ष हंसराज ने कहा कि जिला सिरमौर में एसटी का साक्षर दर 57 फ़ीसदी मात्र है। ऐसे में संख्या बढ़ने पर तथा पहले से ही रिसोर्सेज कम होने से गुज्जर वर्ग हाशिए पर आ गया है। काला अंब में हुई आज इस बैठक में इन्हीं मुद्दों पर विस्तृत रूप से चर्चा भी हुई। बैठक के दौरान गुज्जर समुदाय ने 21 सितंबर को काला अंब में महासभा का भी आयोजन करने का ऐलान कर दिया है।

हंसराज का कहना है कि गुर्जरों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग करी है कि या तो उनका कोटा बढ़ाया जाए या फिर अधिसूचना जारी होने से पहले तमाम बिंदुओं पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करें। गुज्जर समुदाय का कहना है कि यदि सरकार समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं करती है तो चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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