जांच पूरी होने तक डीटीओ की पत्नी को प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लेने पर लगाई रोक
HNN / नाहन
नाहन के पूर्व डीटीओ सतीश कुमार पर करोड़ों के फ्रॉड का अंदेशा जताया जा रहा है। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच काफी आगे बढ़ चुकी है। जानकारी के अनुसार यह मामला सतीश कुमार के नाहन कार्यकाल के दौरान 2012 से 2018 तक का बताया जा रहा है। अधिकारी के द्वारा ई-पेंशन सॉफ्टवेयर में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पेंशनर्स के फर्जी वित्तीय लाभ तैयार किए जाते थे।
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पेंशनर्स की पेंशन ऑनलाइन डाल दी जाती थी मगर अन्य फर्जी वित्तीय लाभ तैयार कर पैसा परिवार के सदस्यों के खातों में डाल दिया जाता था। बता दें कि डीटीओ पेंशन के अलावा अन्य वित्तीय मामले भी देखने की शक्ति रखता है। विभाग को जब इस फ्रॉड के बारे में इनपुट मिले तो बड़ी गहनता से अपने स्तर पर इंक्वायरी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस के द्वारा प्रिंसिपल सेक्रेट्री एजुकेशन को एक पत्र भी लिखा गया था।
पत्र के अनुसार सिरमौर नाहन के कोलर +2 विद्यालय में तैनात डीटीओ की पत्नी का अकाउंट संदेह के साथ जांच के दायरे में रखा गया है। जिसमें दिए गए आदेशों के अनुसार शिक्षिका यदि प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लेती है तो उसे तुरंत प्रभाव से रोका जाए। जांच के दायरे में डीटीओ की बेटी और बेटे का अकाउंट भी बताया जा रहा है। बता दें कि मौजूदा समय डीटीओ प्रमोशन होकर हिपा में बतौर उपनिदेशक तैनात हैं। विभागीय जांच के अंतर्गत नाहन कोषागार से भी रिकॉर्ड लिया जा चुका है। बता दें कि डीटीओ पर पहले भी स्टांप ड्यूटी को लेकर फ्रॉड का आरोप लग चुका है।
जिसके बाद इनका ट्रांसफर शिमला हेड क्वार्टर कर दिया गया था। सतीश कुमार 2012 से लेकर 2018 तक जिला सिरमौर के मुख्य कोषाधिकारी थे। 7 मार्च 2019 को इन्हें फिर से नाहन ट्रांसफर किया गया था। सतीश कुमार का नाहन से 28 मई 2019 को शिमला तबादला कर दिया गया था। सूत्रों की माने तो मामला सरकार के संज्ञान में जा चुका है। अब यदि फ्रॉड साबित हो जाता है तो विभाग के द्वारा नाहन थाना में एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। सूत्रों की माने तो जांच के दायरे में आए कथित आरोपी अग्रिम जमानत के लिए भी कोशिश कर रहे हैं।
संभावना जताई जा रही है कि इस मामले को लेकर जल्द गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या संबंधित मामले में उस दौरान डीलिंग हैंड भी जांच के दायरे में है या नहीं। मामले की पुष्टि को लेकर चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस प्रमोद सक्सेना से कई बार उनके मोबाइल पर संपर्क साधा गया। कार्यालय में संपर्क करने पर पीए द्वारा बताया गया कि वह बाहर टूर पर है। वही निदेशक फाइनेंस रोहित जमवाल से भी मोबाइल और लैंडलाइन पर संपर्क किया गया मगर मीटिंग में व्यस्त बताए गए। खबर सूत्रों तथा एडीशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस के द्वारा प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजुकेशन को जारी किए गए पत्र के आधार पर पुष्टि की गई है।
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