सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रेरणा और मार्गदर्शन को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की पहल ऊना जिले में प्रभावी परिणाम दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और लक्ष्यबोध विकसित हो रहा है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
प्रशासनिक सहभागिता से बदला सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक माहौल
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी पहल ‘अपना विद्यालय – हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ ऊना जिले में मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उपायुक्त जतिन लाल की सतत निगरानी और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित सहभागिता से सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ हुआ है और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की ठोस प्रेरणा मिल रही है।
83 सरकारी विद्यालय पहले चरण में किए गए शामिल
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि पहले चरण में ऊना जिले के 83 सरकारी विद्यालयों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालय गोद लेकर वहां नियमित समय देना शुरू किया है। स्वयं उपायुक्त ने जिले के चार सरकारी विद्यालय गोद लिए हैं, जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) ऊना, हरोली, थानाकलां (बंगाणा) और धुसाड़ा (अम्ब) शामिल हैं।
अधिकारी निभा रहे मेंटर की भूमिका
पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, डीएसपी सहित अन्य अधिकारी भी अपने-अपने गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इन दौरों के दौरान पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल और प्रशासनिक अनुभव साझा किए जा रहे हैं।
करियर गाइडेंस और व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के अंतर्गत करियर गाइडेंस, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक जीवन दृष्टि और पढ़ने-लिखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों की जरूरतों के अनुसार लाइब्रेरी, आईसीटी सुविधाएं, खेल गतिविधियां और आधारभूत संसाधनों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद बना रहा भावनात्मक जुड़ाव
उपायुक्त जतिन लाल नियमित रूप से गोद लिए गए विद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। वे बच्चों को बड़े लक्ष्य तय करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और निरंतर परिश्रम के लिए प्रेरित करते हैं। एक अवसर पर उन्होंने छात्राओं के साथ मिड-डे मील का भोजन कर भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत किया।
शिक्षा के विज़न को धरातल पर उतार रहा ऊना जिला
उपायुक्त ने कहा कि ऊना जिले में मुख्यमंत्री की शिक्षा के प्रति संवेदनशील सोच को इस कार्यक्रम के माध्यम से ट्रू स्पिरिट में लागू किया जा रहा है। आने वाले चरणों में और अधिक विद्यालयों तथा अधिकारियों को इससे जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
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