एएसआई विद्यासागर और एसआई चेतन चौहान को सौंपा पर्स

HNN / नाहन

सड़क किनारे मिले पैसों से भरे पर्स को पुलिस के सुपुर्द कर ठेकेदार रामानंद ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामानंद ठाकुर छोटा चौक नाहन में किराए के मकान में रहते हैं। अपने कार्य से कोर्ट की ओर जाते हुए रेस्ट हाउस के समीप उन्हें पैसों से भरा हुआ पर्स मिला। एएसआई विद्यासागर ने बताया कि वह सड़क के किनारे बैठे चाय की दुकान में चाय पी रहे थे। उनके साथ सब इंस्पेक्टर चेतन चौहान भी थे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान ठेकेदार रामानंद उनके पास आया और एक फटा हुआ पर्स उनके हाथ में दिया।

रामानंद ने उस पर्स में रखे पैसे को गिना तक भी नहीं। हालांकि वह इस पर्स को लेकर सदर थाना जा रहे थे। मगर तभी उन्हें पुलिस अधिकारी विद्यासागर और चेतन चौहान चाय की दुकान में मिले। रामानंद ने एएसआई विद्यासागर से बोला कि उन्हें कोर्ट पहुंचना है और उन्हें यह पर्स मिला है। एएसआई विद्यासागर ने जब पर्स खोला तो उसमें भगवान परशुराम आईटीआई शिमला रोड नाहन की रसीद मिली। उसमें किसी भी प्रकार का एड्रेस या कार्ड आदि नहीं था।

पर्स में रखे पैसे जब गिने गए तो वह 1670 रुपए थे। जब की रसीद में फीस भी 1670 रुपए ही दर्ज की हुई थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता था की यह किसी छात्र का पर्स है और पर्स में रखे पैसे संभवत उसकी ट्यूशन फीस थी। बरहाल, दोनों पुलिस अधिकारियों ने पर्स को अपने पास लेकर आईटीआई में संपर्क साधना शुरू कर दिया था। पुलिस अधिकारी द्वारा तथा आसपास खड़े लोगों ने ठेकेदार रामानंद की भूरी भूरी प्रशंसा करी। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि जिस भी व्यक्ति का यह पर्स और पैसे हैं यह उन तक पहुंचा दिया जाएगा।