बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल की टीम ने 5,252 लोगों को लगाए टीके
HNN/ नाहन
टीबी की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे बीसीजी वैक्सीनेशन अभियान में जिला सिरमौर के धगेड़ा स्वास्थ्य ब्लॉक ने दूसरे खंडों को पछाड़ दिया है। बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल और उनकी टीम ने न केवल कड़ी मेहनत कर इस अभियान को सफल बनाया, बल्कि अपने लक्ष्य को पार करते हुए 22 दिन के भीतर 100 फीसदी वैक्सीनेशन करने में भी सफल रही।
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बीते मार्च माह से शुरू किए गए बीसीजी टीकाकरण अभियान को धगेड़ा स्वास्थ्य ब्लॉक ने 15 अप्रैल को 100.4 फीसदी पूरा कर दिया है। इसके तहत स्वास्थ्य खंड में 5233 लोगों की वैक्सीनवेशन का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पार करते हुए 5252 लोगों को टीके लगाए हैं।
इसी अभियान को लेकर यदि दूसरे स्वास्थ्य खंडों की बात की जाए तो संगड़ाह ब्लॉक में अभी 11.4 फीसदी वैक्सीनेशन हो पाया है, यहां 8093 लोगों के मुकाबले अभी 919 को टीके लगे हैं। पच्छाद ब्लॉक में 16.8 फीसदी यानी 1736 लोगों में से 292, राजपुर ब्लाक में अभी 39.8 फीसदी यानी 14805 लोगों में से 5885 लोगों का टीकाकरण हुआ है।
राजगढ़ खंड में 35.8 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ है, यहां 3859 लोगों में से 1383 लोगों को टीके लगे हैं। शिलाई ब्लॉक में ये लक्ष्य अभी 26.7 फीसदी पूरा हुआ है, जहां 1517 में से 405 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है।
क्या है एडल्ट बीसीजी वैक्सीनेशन….
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कैंपेन मोड़ पर इन दिनों वयस्क लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए छह कैटेगरी को शामिल किया गया है, जिसमें उन लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं, जिन्हें पिछले पांच साल में टीबी हुई थी। दूसरा जो लोग पिछले तीन साल टीबी से ग्रस्त लोगों के संपर्क में रहे।
मधुमेह से ग्रस्त और धूम्रपान करने वाले लोगों को भी टीके लगाए जा रहे हैं। इसके साथ साथ जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक हैं, उनको भी बीसीजी वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वहीं, दुबले पतले लोगों को भी ये वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य यही है कि टीबी को जड़ से खत्म किया जाए। इसे लेकर ये अभियान जोरों से चलाया जा रहा है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनवरी माह से ही प्री रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके थे। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, आशा कार्यकर्ता ऐसे लोगों का घर-घर जाकर पंजीकरण करने में जुटीं। इसके बाद सभी ब्लाक में ऐसे लोगों का आंकड़ा तैयार किया गया, जिन्हें ये वैक्सीन लगनी है।
जहां तक स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की बात है तो इस खंड ने लक्ष्य से अधिक वैक्सीनेशन कर लिया है। ये वोही टीका है जो जन्मजात बच्चों को लगाया जाता है। यदि कोई बच्चा इस टीके को लगाने से छूट जाए तो इसे एक साल के भीतर लगाना जरूरी है। इसी टीके को अब देश में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए वयस्कों को भी लगाया जा रहा है।
उधर, बीएमओ डा. मोनीषा अग्रवाल ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनकी टीम ने कड़ी मेहनत करके इस अभियान को सफल बनाया है। 22 दिन के भीतर धगेड़ा स्वास्थ्य ब्लाक में इस लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। जिन लोगों को टीका लग चुका है, स्वास्थ्य विभाग अब उनका अगले तीन साल तक फॉलोअप करेगा। ये देखा जाएगा कि इस टीके का कितना प्रतिशत असर यानी लोगों का टीबी से बचाव हुआ है।
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