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9 जुलाई को ऊना में बंद रहेंगे सभी आंगनवाड़ी केंद्र

Shailesh Saini | 4 जुलाई 2025 at 8:20 pm

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केंद्र सरकार के खिलाफ गरजेंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नीलम जसवाल ने केंद्र सरकार को बताया मजदूर विरोधी

हिमाचल नाऊ न्यूज़ ऊना,

श्रम संहिताओं के विरोध और न्यूनतम वेतन ₹21,000 की मांग को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 9 जुलाई को लामबंद होंगी। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला कमेटी ने एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी।

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यूनियन ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स 9 जुलाई को संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर पूरे जिला ऊना मुख्यालय पर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।

राज्य अध्यक्ष नीलम जस्वाल, जिला अध्यक्ष नरेश शर्मा, अनुराधा, आशा देवी, निर्मल सैनी और सरोज कुमारी ने बताया कि मौजूदा केंद्र सरकार आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स पर काम का बोझ तो आए दिन बढ़ाती जा रही है, परंतु उनकी वेतन वृद्धि और उनकी सुरक्षा की चिंता सरकार को बिल्कुल भी नहीं है।

यूनियन नेताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी का केंद्र और राज्य का मानदेय एक साथ नहीं आता है। 11 सालों में आंगनवाड़ी के वेतन में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लिए, विधायकों और मंत्रियों के लिए आए दिन नई घोषणाएं करती है, परंतु मजदूर वर्ग की लगातार अनदेखी की जाती है।यूनियन के नेतृत्व ने कहा कि प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तब तक चुप नहीं बैठने वाली जब तक सरकार उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतन नहीं देती।

उन्होंने कहा कि सरकार काम के हर नए फरमान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर थोप देती है, परंतु जब आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स अपने हक की बात सरकार के समक्ष उठाती हैं तब उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती।

नई शिक्षा नीति के चलते ECCE केंद्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कर्मियों से खिलवाड़ किया जा रहा है और प्री-नर्सरी के चलते आंगनवाड़ी कर्मियों के रोजगार पर बन आई है।

आंगनवाड़ी नेतृत्व ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने पहले भी लड़कर अपने हक लिए हैं और भविष्य में भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर वर्ग का हक छीनने वाली सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

आंगनवाड़ी एवं हेल्पर्स यूनियन ने बताया कि पोषण ट्रैकर के नाम पर कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि हर महीने लाभार्थियों से OTP लेने के बाद THR देना पड़ता है, जिसके लिए लाभार्थी सुरक्षा कारणों से आनाकानी करते हैं।

इसके साथ ही पौषाहार की आपूर्ति की गुणवत्ता भी सही नहीं है, जिस वजह से लोग आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। बार-बार विभाग को इस बाबत सूचित किया जा चुका है, परंतु विभाग पर आंगनवाड़ी वर्कर्स के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

यूनियन नेतृत्व ने कहा कि तीन-तीन माह बाद केंद्र से मिलने वाला मानदेय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिलता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आंगनवाड़ी नेतृत्व ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे इस व्यवहार के चलते यूनियन 9 जुलाई को सीटू के बैनर तले इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेंगी और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करेंगी।

इस हड़ताल के समर्थन में जिला में हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और पूरे जिले में सभी आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

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