नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विकास को प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल गई है। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने के साथ इस क्षेत्र को बहुआयामी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बिलासपुर
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की अध्यक्षता में टूरिज्म स्पोर्ट्स ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जनरेशन सोसाइटी से संबंधित बैठक का आयोजन बचत भवन में किया गया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी उपमंडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार को बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा श्री नैना देवी जी क्षेत्र के समीप गोविंद सागर झील के नकराणा तथा आसपास के क्षेत्रों में वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विकास के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। अब शीघ्र ही इस क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की एक टीम उनकी अध्यक्षता में पहले ही नकराणा क्षेत्र का दौरा कर चुकी है, जहां वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि भाखड़ा क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य, गोविंद सागर झील की शांत जलधाराएं और चारों ओर का पर्वतीय वातावरण इस क्षेत्र को जल क्रीड़ा और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक नाव विहार, कयाकिंग सहित अन्य रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध के समीप तथा श्री नैना देवी जी के बीच स्थित नकराणा क्षेत्र वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए आदर्श स्थान है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माता श्री नैना देवी जी के दर्शन के लिए इस क्षेत्र में पहुंचते हैं और जिला प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक पर्यटन को एडवेंचर पर्यटन और वॉटर स्पोर्ट्स पर्यटन से जोड़कर इस क्षेत्र को बहुआयामी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उपायुक्त ने बताया कि इस क्षेत्र के विकसित होने से लगभग 12 से 15 पंचायतों के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियों के आरंभ होने से यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, जिससे होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर अपनी आजीविका में वृद्धि कर सकेंगी, जबकि होमस्टे संचालकों को भी सीधा लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि गोविंद सागर झील क्षेत्र में बोटिंग और क्रूज के साथ-साथ मोटर बोट, जेट स्की, बनाना राइड, सोफा राइड जैसी एडवेंचर गतिविधियों को विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त शिकारा राइड, कयाकिंग, कैनोइंग, वाटर स्कीइंग और रोइंग जैसी गतिविधियां भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
उपायुक्त ने कहा कि पंजाब के पास पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र एक आकर्षक हिल पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचक गतिविधियों के समन्वय से गोविंद सागर झील के नकराणा क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में स्थापित किया जाए।
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