एक पर सांसद पिता और सरकार का आशीर्वाद, दूसरे के सिर पर मोदी का हाथ
HNN/नाहन
हिमाचल प्रदेश में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अब केवल 11 दिन शेष बचे हैं। तो वहीं कड़ी टक्कर के साथ कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी गांव गांव घर-घर पक्डंडियां नाप रहे हैं। शिमला पार्लियामेंट्री क्षेत्र की 17 विधानसभाओं में जहां दोनों पार्टियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील कर रहे हैं तो वहीं प्रत्याशी भी बड़े-बड़े दावों के साथ अपनी अपनी क्षमताओं के कसीदे पढ़ रहे हैं।
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बड़ी बात तो यह है कि कांग्रेस के प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी जहां केवल सभी विधानसभा क्षेत्र में केवल दो राउंड ही कर पाए हैं। तो वहीं भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप ने बाजी मारते हुए तीन राउंड पूरी तरह कंप्लीट कर लिए हैं। हालांकि सुरेश कश्यप के प्रचार में संगठन जहां मोदी के नाम के साथ केंद्रीय योजनाओं के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं। तो वहीं प्रत्याशी सुरेश कश्यप भी एमपी फंड का शथ प्रतिशत सभी विधानसभा क्षेत्र में खर्च कर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है।
प्रत्याशी सुरेश कश्यप का कहना है कि जिस गांव से कांग्रेसी प्रत्याशी ताल्लुक रखते हैं वह अपनी पंचायत के प्रधान और उप प्रधान का विश्वास खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी प्रत्याशी के गांव के प्रधान और उप प्रधान ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थामा है। तो वहीं विनोद सुल्तानपुरी का कहना है कि दोनों ही पहले से भाजपा के हैं यह बात भाजपा सरकार में मंत्री रहे सहजल अच्छी तरह जानते हैं।
सुल्तानपुरी ने कहा कि प्रधान और प्रधान अपनी नाकामी को लेकर न केवल पंचायत बल्कि पूरे क्षेत्र में जाने जाते हैं। सुल्तानपुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में पंचायत के लिए एक करोड़ से अधिक की धनराशि विकास कार्य हेतु उपलब्ध कराई गई थी मगर इन दोनों की वजह से यह धनराशि खर्च नहीं हो पाई। विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि उनके सर पर उनके स्वर्गीय पिता व पूर्व सांसद रहे केडी सुल्तानपुरी का आशीर्वाद है और ईमानदार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कि कांग्रेस सरकार का साथ है।
विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी नाम तो नरेंद्र मोदी का लगाते हैं और खुद काम नहीं करते। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि शिमला पार्लियामेंट्री क्षेत्र के सब से लेकर रेल तक के मुद्दे को सांसद संसद में नहीं उठा पाए। वहीं सुरेश कश्यप ने दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस यानी विकास पर ग्रहण के नाम से जानी जाती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से और पूर्व में रही जय राम सरकार के द्वारा शिमला पार्लियामेंट्री क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा उपलब्ध हुई सांसद निधि को सभी विधानसभा क्षेत्र में बगैर किसी भेदभाव के शत प्रतिशत खर्चा भी गया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अच्छी तरह जानती है कि केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार कायम होने जा रही है। उन्होंने लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जिन्हें आगे लाकर सुचारू बनाना है जिसके लिए एक बार फिर से जीत को सुनिश्चित बनाना है।
बता दें कि सुरेश कश्यप जिला सिरमौर से ताल्लुक रखते हैं, तो विनोद सुल्तानपुरी सोलन जिला से ताल्लुक रखते हैं। शिमला पार्लियामेंट्री साड़े 13 लाख से अधिक मतदाता है। सिरमौर में जहां सुरेश कश्यप की स्थिति फिलहाल 50-50 मानी जा रही है। वहीं 24 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बाद संभावनाओं की प्रतिशतता में काफी वृद्धि होने के भी आसार हैं।
इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 20 से 25000 के आसपास मुस्लिम वोट करीब 5000 गुर्जर और इसके साथ करीब 2 लाख से अधिक एंटी हाटी यानी एससी वर्ग है जो सीधे-सीधे कांग्रेस को फायदा पहुंचाएगा। जबकि जनजातीय दर्जे को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की खुद के विधानसभा क्षेत्र से बड़ी किरकिरी होने के आसार हैं इसके साथ-साथ श्री रेणुका जी और राजगढ़ क्षेत्र में जनजातीय वोट पूरी तरह से भाजपा के फेवर में है।
डिसाइडिंग फैक्टर इस बार अपर सोलन यानी शिमला क्षेत्र माना जा रहा है। सोलन और सिरमौर दोनों प्रत्याशियों के लिए लगभग 50-50 फीसदी का फिगर बना रहा है। बरहाल कांग्रेस का सुस्त प्रचार और भाजपा की चुस्त चाल स्टार प्रचारकों के पहुंचने के बाद दिल्ली के रास्ते कितने आश्वस्त करते हैं यह तो चुनाव का दिन ही बताएगा।
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