उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक सोलंकी सहित रिटायर्ड डिग्निटरीज ने बताया बेहतर प्रयास
HNN/नाहन
जिला सिरमौर में अब राजकीय अथवा गैर राजकीय दावतों में सिरमौर धाम को तवज्जो दी जाएगी। सिरमौर धाम की शुरुआत पूर्व छात्र संघ डॉ. यशवंत सिंह परमार पीजी कॉलेज नाहन के द्वारा कर दी गई है। यही नहीं हेरीटेज फूड को जिला के पर्यटन में विशेष पहचान मिल सके इसको लेकर विधायक अजय सोलंकी ने सिरमौर धाम को प्रमोट करने के लिए भी कहा है।
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रविवार को पीजी कॉलेज नाहन में आयोजित हुए पूर्व छात्र अभिनंदन समारोह में आधुनिक भोजन की जगह सिरमौर व्यंजन भी परोसे गए। बता दें कि कार्यक्रम में कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले विशिष्ट जन भी शामिल थे। इनमें ऐसी डिग्निटरीज भी शामिल रही जो सरकार में मुख्य सचिव, सचिव सहित बड़े-बड़े ओहदों पर रह चुके हैं।

पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर अमर सिंह चौहान, मुख्य संरक्षक डॉक्टर प्रेम राज भारद्वाज, संरक्षण का वीणा राठौर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सोलंकी, उपाध्यक्ष अलका जनवेजा, संजय गोयल, महासचिव अनूप कुमार आदि भी शामिल रहे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान तथा विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक अजय सोलंकी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को पूरी तरह से परंपरागत ढंग से आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई थी। जिसमें सबसे बड़ा निर्णय भोजन व्यवस्था को लेकर लिया गया था। प्रोफेसर अमर सिंह चौहान का कहना है कि जब सिरमौर का व्यक्ति देश प्रदेश और विदेश में बड़ी-बड़ी ख्यातियां अर्जित कर सकता है तो सिरमौर का हेरीटेज फूड भी देश व विदेश के पर्यटकों के लिए पहली पसंद होना चाहिए।

जिसको लेकर आयोजन समिति में शामिल डॉक्टर पंकज चांडक तथा संजय गोयल आदि के द्वारा पूर्व छात्र संघ के कार्यक्रम में सिरमौर धाम बनवाई गई। जिसमें पटांडे, अस्कलियां, पूड़े, खीर, मक्की की रोटी, कुकवा का साग, शक्कर, देसी घी, पहाड़ी चावल, गोगटी आदि ट्रेडिशनल व्यंजन बनाकर परोसे गए। बड़ी बात तो यह है कि यह सारा भोजन सिरमौर धाम के तहत मालझन के पत्तों पर परोस कर खिलाया गया।

कार्यक्रम में शामिल देश तथा विदेश से आए मेहमानों ने सिरमौर धाम का जमकर आनंद उठाया। बता दें कि सिरमौर धाम में सबसे बड़ा आकर्षण देसी घी और शक्कर को माना जाता है। देसी घी धाम में बैठे मेहमान को उसके न करने तक डाला जाता है। आयोजन समिति के द्वारा सिरमौर धाम की व्यवस्था को लेकर पारंपरिक खानों के महाराज के रूप में पहचाने जाने वाले गोवर्धन महाराज तथा कसौगा गांव से पहाड़ी व्यंजन बनाने के एक्सपर्ट वीरेंद्र, संतोष, कुसुम आदि को विशेष रूप से बुलाया गया था।
वहीं पूर्व छात्र संघ ने जिम्मा उठाते हुए कहा कि उनका पूर्ण प्रयास रहेगा कि नई पीढ़ी के छात्रों को सिरमौर धाम के महत्व और हमारे व्यंजनों की परंपरा से अवगत कराया जाए। डॉ. प्रेम राज भारद्वाज का कहना है कि होटलों शादियों में परोसा जाने वाला भोजन तथा जंक फूड न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है बल्कि यह महंगा भी बहुत पड़ता है। विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि सिरमौर धाम को यदि पर्यटन के नजरिए से प्रमोट किया जाता है तो निश्चित ही यहां का ट्रेडिशनल फूड सिरमौर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तराशेगा।
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