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हाउस टैक्स डिफॉल्टर्स का एमसी पर एक करोड़ बकाया

PRIYANKA THAKUR | 11 जनवरी 2023 at 12:58 pm

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फ्लैट विक्रेता की पौ बारह जुगाड़ बाजी कर टैक्स और पानी के बिलों पर लगा रहे सरकार को चूना

HNN / नाहन

नाहन नगर परिषद के अंतर्गत शहर की डिवेलपमेंट पर हाउस टैक्स डिफॉल्टर्स भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। नाहन एमसी के अंतर्गत करीब 10,000 घर एनरोल है। बावजूद इसके अधिकतर घरों के द्वारा हाउस टैक्स जमा नहीं करवाया गया है। इन डिफाल्टर में ना केवल हाउ ऑनर बल्कि ऐसे कारोबारी भी है जिन्होंने एमसी की संपत्तियां किराए पर ली हुई है। अब यदि बात की जाए बकाया टैक्स की तो करीब 1 करोड से अधिक का हाउस व अन्य टैक्स एमसी के बकाया पड़े हुए हैं।

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जिसको लेकर एमसी के द्वारा किए जाने वाले शहर के विकासात्मक कार्यों को लेकर आर्थिक कमी आडे भी आ रही है। जहां इस समय सरकार के समक्ष फाइनेंस एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं नाहन शहर के अंतर्गत बने दर्जनों फ्लैट सरकार को चूना भी लगा रहे हैं। हैरानी तो इस बात की है कि बिल्डर द्वारा फ्लैट तो बना दिए गए, मगर रेवेन्यू रिकॉर्ड में जमीन ऑनर बिल्डर ही दर्शाए गए हैं।

ऐसे में नियमानुसार जिन लोगों को फ्लैट बनाकर अलॉट किए गए हैं वहां पर सोसायटी बनाया जाना जरूरी होता है। मगर यहां पर बिल्डर के द्वारा फ्लैट की रजिस्ट्री करवा कर उन्हें डोमेस्टिक वाटर कनेक्शन का राइट दिलवा दिया गया है। जबकि फ्लैट ओनर जब तक जमीनी अधिकार नहीं रखता तब तक उस भूखंड पर बनाये गए भवनों में कमर्शियल वॉटर कनेक्शन और व्यवसायिक हाउस टैक्स ही देय होता है। इस प्रकार अधिकतर फ्लैट ओनर सरकार को मोटा चूना भी लगा रहे हैं।

अब यदि जिन लोगों को फ्लैट बेचे गए हैं उन्हें यदि जमीनी अधिकार भी मिलता है तब उन्हें डोमेस्टिक कनेक्शन और घरेलू हाउस टैक्स ही देना पड़ेगा। नाहन शहर में केवल विला राउंड में ही बन रहे फ्लैट रेरा के द्वारा परमिशन लेकर बनवाए जा रहे हैं जो कि सारे पैरामीटर्स को पूरा भी करते हैं। इसके अलावा अधिकतर ऐसे फ्लैट हैं जो ना केवल सरकार को जुगाड़ बाजी कर टैक्स में चूना लगा रहे हैं बल्कि इनके निर्माण भी नियमों को ताक पर रख कर किए गए हैं।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि डोमेस्टिक यानी निजी घर पर एमसी के द्वारा 7.2 परसेंट पर स्क्वायर मीटर हाउस टैक्स निर्धारित किया गया है। जबकि कमर्शियल रेट 10 परसेंट रखा गया है। यह टैक्स साल में एक बार जमा करवाना होता है। उधर, जब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शहर में कितने फ्लैट बने हैं उसका उनके पास फिलहाल कोई रिकॉर्ड नहीं है।

उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि डिफॉल्टर्स का करीब एक करोड रुपए हाउस टैक्स पेंडिंग पड़ा हुआ है। वही, जल शक्ति विभाग के एसडीओ मनीत भारद्वाज का कहना है कि शहर के कुछ ऐसे फ्लैट हैं जिनके द्वारा कमर्शियल कनेक्शन लिया गया है उनके लिए विभाग के द्वारा अलग से लाइन और पानी की मात्रा भी ज्यादा दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इनके अलावा फ्लैट के निजी मालिक के द्वारा एमसी से अनापत्ति पत्थर लाकर डोमेस्टिक कनेक्शन लिया जाता है।

वहीं, उपायुक्त जिला सिरमौर आरके गौतम ने बताया कि शहर में कितने ऐसे फ्लैट हैं जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं इसके बाबत संबंधित विभाग से जानकारी ली जाएगी।

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