1200 मेडिकल स्टाफ के साथ 600 आशा वर्कर हर स्थिति से निपटने को तैयार
HNN/नाहन
नौ तपे की तपिश और लगातार हीटवेव की मार झेलता जिला सिरमौर फिलहाल ग्रीष्मकालीन रोगों से राहत में है। जिला सिरमौर स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक फिलहाल ना तो लू, ना ही डायरिया, डेंगू अथवा किसी भी प्रकार का जल जनित रोग का बड़ा मामला संज्ञान में नहीं आया है। बावजूद इसके जिला सिरमौर का स्वास्थ्य विभाग ग्रीष्मकालीन रोगन की हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
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स्वास्थ्य विभाग के करीब 1200 मेडिकल स्टाफ सहित करीब 600 आशा वर्कर अलर्ट मोड पर रखे गए हैं। भारी गर्मी के बावजूद जिला की आशा वर्कर्स गर्मियों में होने वाले संक्रमण व अन्य रोगों की रोकथाम व बचाव की बाबत जागरूकता अभियान भी चला रही हैं। बताना जरूरी है कि जिला में 49 पीएचसी, 147 सब सेंटर, पांच सिविल हॉस्पिटल तथा 7 सीएचसी स्टाफ सहित अलर्ट मोड पर हैं।
जिला प्रशासन व विभाग के द्वारा इन्हें हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सुसज्जित भी कर दिया गया है। जल जनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग आपस में समन्वय बनाते हुए सप्लाई वाटर को हर लिहाज से सुरक्षित बनाए हुए हैं। वही सीएमओ जिला सिरमौर डॉक्टर अजय पाठक ने लोगों को हीटवेव से बचने को लेकर अपील भी की है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय भीषण गर्मी पड़ रही है ऐसे में यदि किसी को लू आदि लग जाती है तो वह सबसे पहले ठंडे पानी से दो बार नहाए, बर्फ की पट्टियां करें, जल जनित रोगों से बचने को लेकर खाना खाने से पहले हाथ को कम से कम दो बार साबुन से जरूर धोएं। डॉ. अजय पाठक ने बताया कि गर्मियों के दिनों के साथ-साथ अब बरसात में डेंगू का भी खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर के आस-पास सफाई रखें तथा कहीं भी पानी खड़ा ना होने दें। ऐसे में डेंगू का लार्वा पनपने लगता है और डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉ. अजय पाठक ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला सिरमौर का स्वास्थ्य विभाग ग्रीष्मकालीन व बारिश के बाद होने वाले हर तरह के संक्रमण व रोग आदि से निपटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है।
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