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सिरमौर के बॉर्डर एरिया पेट्रोल पंप से हो रही डीजल की तस्करी पर अब नकेल

SAPNA THAKUR | 9 जनवरी 2023 at 12:26 pm

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राज्य कर एवं आबकारी विभाग के ध्यान में आया मामला, कमिश्नर ने दिए यह आदेश…

HNN/ पांवटा साहिब

बीते 3 सालों में कालाअंब तथा पांवटा साहिब बॉर्डर एरिया पेट्रोल पंप से हो रही डीजल तस्करी पर अब नकेल लग जाएगी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर यूनुस खान के द्वारा इसके लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। हालांकि इस योजना के तहत बद्दी-बरोटीवाला के एक पेट्रोल पंप से करीब 9 करोड़ से अधिक डीजल दूसरे राज्य में वैट चोरी के मामले का विभाग पर्दाफाश कर चुका है। यही नहीं, विभाग के द्वारा एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भी पेट्रोल पंप पर लगाया जा चुका है। तो वही जिला सिरमौर के साथ सटी हिमाचल-उत्तरांचल की सीमा पर भी डीजल और पेट्रोल वैट बचाकर बेचा जा रहा है।

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कालाअंब और पांवटा साहिब में सारा दिन ड्रम और जुगाड़ कर बनाए गए छोटे-छोटे टैंकरों में डीजल बेचा जा रहा है। हालांकि नियमानुसार डीजल अथवा पेट्रोल केवल वाहन में ही डाला जाना चाहिए। मगर कालाअंब में तो इससे भी अधिक आगे बढ़कर जुगाड़ किए जा रहे हैं। हालांकि जिला सिरमौर राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारी बराबर सर्विलांस पर रहते हैं, मगर पेट्रोल पंप डीजल का कारोबार करने वाले हरियाणा के व्यवसायी अपने कुछ व्यक्ति मोबाइल के साथ जीएसटी भवन नाहन और दोसड़का में खड़े कर देते हैं। जैसे ही किसी अधिकारी की मूवमेंट पांवटा साहिब-कालाअंब की और होती है तो इसकी सूचना तुरंत आगे दे दी जाती है।

जिसके बाद अधिकारी खाली हाथ लौट आते हैं। मगर अब हेड ऑफ द डिपार्टमेंट यूनुस खान के द्वारा रेंडम चेकिंग के लिए दूसरे जिला से टीम तैयार की जाएगी। इस टीम की भनक अवैध कारोबारियों को लग पाना मुश्किल हो जाएगा। बावजूद इसके अधिकारी सेल पर चेंज को लेकर भी जांच कर सकते हैं। वही एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सरकार के द्वारा वैट बढ़ाकर सही निर्णय लिया गया है। बावजूद इसके उत्तराखंड और हरियाणा तथा पंजाब में अभी भी डीजल महंगा है। कालाअंब में जुगाड़ बाजी के तहत हरियाणा के अधिकतर बड़े ट्रक एक दिन में कई-कई चक्कर डीजल भराने में लगाते हैं। यह वाहन यहां से डीजल ले जाकर पड़ोसी राज्य में दो और तीन के मार्जिन पर बेच देते हैं।

तो वही बहुत सारी ऐसी इंडस्ट्रीज भी है जो डीजल ड्रम तथा छोटे टैंकरों में लेकर जाते हैं। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता है। हैरानी तो इस बात की है कि फैक्ट्री संचालकों के द्वारा प्रशासन अथवा विभाग से भी किसी प्रकार की परमिशन नहीं ली गई है। उधर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग कमिश्नर यूनुस खान ने बताया कि विभाग अब इस तरह के कारनामों पर नकेल लगाने के लिए रैंडम चेकिंग विशेष योजना के तहत करेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कोई भी पेट्रोल पंप संचालक यदि वैट चोरी कर दूसरे राज्य में डीजल बेचता हुआ पाया गया तो उस पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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