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सिंह जोशन और सरदार सिंह को फाइट में पछाड़ वर्ल्ड चैंपियन बना योगेश पहुंचा अपने घर सिरमौर

Ankita | 10 अप्रैल 2023 at 2:42 pm

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अपने गुरु द ग्रेट खली की तरह योगेश का सपना डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर बनने का

HNN/ हरिपुरधार

प्रदेश के सिरमौर की धरती ने जहां डब्ल्यूडब्ल्यूई जैसे रेसलर द ग्रेट खली को जन्म दिया है, तो वहीं इसी जिला के योगेश चौहान सुपर फाइटर बनकर उभरे हैं। सिरमौर के हरिपुरधार स्थित गांव घरडिया निवासी 27 वर्षीय योगेश चौहान ने वर्ल्ड टैग टीम चैंपियन जीत के बाद पहली बार अपने घर सिरमौर पहुंचा है। नाहन पहुंचने पर रेसलर का जोरदार स्वागत हुआ, तो वहीं सिरमौर के इस गबरू को उसकी इस बड़ी उपलब्धि पर विधायक अजय सोलंकी ने उसे बधाई दी।

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योगेश ने वर्ल्ड टैग टीम के इंटरनेशनल चैंपियन्स सिंह जोशन तथा सरदार सिंह को पछाड़कर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती है। बता दें कि योगेश चौहान का बचपन से सपना था कि वह ग्रेट खली की तरह वर्ल्ड फाइट चैंपियन बने। योगेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरिपुरधार से करने के बाद सोलन से पॉलिटेक्निक में एडमिशन ले कर डिप्लोमा किया।

बड़ी बात तो यह है कि योगेश ने जब अपने माता-पिता से नौकरी की जगह रेसलिंग सीखने की इच्छा जताई तो उन्होंने उसे आशीर्वाद देकर सफल होने की कामना भी की। योगेश चौहान डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर द ग्रेट खली को अपना गुरु भी और आदर्श भी मानते हैं।

लिहाजा वह सिरमौर छोड़कर रेसलिंग सीखने के लिए जालंधर स्थित द ग्रेट खली की सीडब्ल्यूई एकेडमी में पहुंच गए। 3 साल तक अपने गुरु द ग्रेट खली उर्फ दिलीप सिंह से कड़ी मेहनत कर रेसलिंग के सुपर दाव सीखें। गुरु सेवा और कड़ी मशक्कत का नतीजा यह रहा कि हाल ही में हुई वर्ल्ड टैग टीम प्रतियोगिता में योगेश ने दोनों धुरंधरों को पकड़ते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत ली।

योगेश प्रदेश का पहला ऐसा नवयुवक है जिसने बहुत कम समय में इस चैंपियनशिप को जीता है। फाइटर मैन योगेश चौहान ने अभी तक 110 से ज्यादा फाइट की है जिनमें से अधिकतर उन्होंने जीती भी हैं। अपनी इस उपलब्धि का वह सारा श्रेय अपने गुरु द ग्रेट खली और अपने माता-पिता को देते हैं।

योगेश ने बताया कि अब उसका एक ही सपना है कि वह अपने गुरु ग्रेट खली की तरह डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर बने और जीत का सेहरा अपने गुरु के सर बांधे। बताते हैं कि योगेश चौहान इतने चुस्त और फास्ट हैं कि वह कब अपने प्रतिद्वंदी को पटनी देदे पता भी नहीं चलता है।

उनकी तेजी और फाइट के दांव पेंचों की दक्षता के चलते उन्हें भारतीय वायु सेना का तेजस जेट भी कहा जाता है। योगेश चौहान ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत इरादे हो तो सपने भी साकार होते हैं। उन्होंने युवा वर्ग से अपील करते हुए कहा कि खेल स्वस्थ और उत्तम जीवन का मुख्य आधार है।

उन्होंने युवाओं से आग्रह करते हुए भी कहा की वह नशे से दूर रहें अगर नशा करना ही है तो खेल का करें और खेल खेल कर अपना अपने माता-पिता का अपने प्रदेश का और अपने देश का नाम रोशन करें।

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