शिमला के जुन्गा क्षेत्र में स्थित पुराने शाही राजमहल में आग लगने से उसका एक हिस्सा पूरी तरह जल गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं।
शिमला/जुन्गा
राजमहल में अचानक भड़की आग
शिमला में जुन्गा रियासत के पुराने शाही राजमहल में बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने महल के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और वह जलकर राख हो गया। यह महल काफी पुराना है और करीब सौ वर्षों से खाली पड़ा हुआ था।
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स्थानीय लोगों ने की आग बुझाने की कोशिश
आग की लपटें दिखाई देने के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा, पुलिस और होमगार्ड की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद दमकल विभाग शिमला को भी आग की सूचना दी गई।
दमकल विभाग की कार्रवाई
करीब एक घंटे बाद शिमला से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस और होमगार्ड की सहायता से महल के बाहरी हिस्से में आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि अंदर लकड़ी अब भी सुलग रही है। एहतियात के तौर पर दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर ही तैनात किया गया है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
एसडीएम शिमला ग्रामीण मौके पर कैंप लगाकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा कारणों की जांच के लिए पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
ऐतिहासिक धरोहर को भारी नुकसान
राजपरिवार के सदस्य पंकज सेन ने बताया कि यह राजमहल क्योंथल रियासत की ऐतिहासिक धरोहर था और भविष्य में इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि इस महल में देवता जुन्गा के 22 टीका का मंदिर भी स्थित था, जहां अब आग लगी है।
काष्ठकुणी शैली में बना था राजमहल
एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने बताया कि आग राजमहल के पूर्वी हिस्से में लगी है। यह महल काष्ठकुणी शैली में टावर के रूप में निर्मित था, जिसमें लकड़ी और पत्थर का उपयोग किया गया था।
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