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शिक्षा पर सफर की मार, सरकार के पास नहीं शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा

SAPNA THAKUR | 21 जनवरी 2023 at 12:19 pm

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HNN/ नाहन

हिमाचल प्रदेश में जहां अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकारी आवासीय सुविधा का प्रावधान है तो वही शिक्षा विभाग के किसी भी कर्मचारी को आवासीय सुविधा है ही नहीं। प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत करीब 80000 कर्मचारी आज भी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। आवासीय सुविधा ना होने के कारण जहां शिक्षक का अधिकतर समय सफर में ही बीत जाता है तो वही शिक्षक भी केवल ड्यूटी बजाने तक ही सीमित रह गया है।

हालांकि शहरों में शिक्षकों को आवासीय सुविधा किराए पर आसानी से उपलब्ध हो जाती है मगर दूरदराज क्षेत्र में स्कूल स्टाफ को किराए पर भी कमेंडेशन नहीं मिल पाती है। राज्य एसजीटीयू यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान तथा जिला सिरमौर प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि भले ही वित्तीय स्थिति के चलते हर स्कूल के साथ आवासीय सुविधा बना पाना फिलहाल मुश्किल होगा मगर हर जिला में बनाए जाने वाले आदर्श विद्यालयों में स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा भी बनाए जाने का प्रावधान होना चाहिए।

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उन्होंने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में गुरुकुल योजना शुरू की गई थी मगर अभी भी कई ऐसे गुरुकुल भवन है जो बनकर तैयार नहीं हुए हैं। जिला सिरमौर में बोधार में केवल एक ही गुरुकुल है जिसका नाम यशवंत गुरुकुल है। हैरानी का विषय तो यह भी है कि प्रदेश के हर जिला में शिक्षा विभाग के हायर एजुकेशन तथा एलिमेंट्री विभाग के उपनिदेशकों के लिए भी जिला मुख्यालयों में गवर्नमेंट अकोमोडेशन नहीं है। दूरदराज क्षेत्रों में गांव से कई किलोमीटर दूर बने स्कूलों में अध्यापकों को आने जाने के लिए बसों पर निर्भर रहना पड़ता है।

ऐसे में यदि बस छूट जाए तो स्कूल पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। देरी के कारण बच्चों को सिलेबस कंप्लीट करवा पाने में भारी परेशानी भी उठानी पड़ती है। अब यदि बनाए गए स्कूलों में अथवा नए बनाए जाने वाले स्कूलों में आवासीय सुविधा का भी प्रावधान रखा जाएगा तो ना केवल शिक्षा गुणवत्ता परक होगी बल्कि अध्यापक के कैंपस में ही उपलब्ध रहने पर अतिरिक्त क्लास का फायदा भी बच्चों को मिल सकेगा।

उधर, इस विषय पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से जब बात की गई तो उन्होंने खुद इच्छा जताते हुए कहा कि प्रदेश के हर स्कूल में आवासीय सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा प्रदेश में करीब 80000 शिक्षक है और 18000 स्कूल है। ऐसे में इस पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस सुविधा को लेकर जल्द ही एक बैठक भी रखेंगे। यही नहीं उन्होंने कहा कि भविष्य में नए बनाए जाने वाले स्कूलों में आवासीय सुविधा रखने का प्रावधान भी रखे जाने के प्रयास किए जाएंगे।

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