फर्जी एक्सपीरियंस लेटर की नहीं की जांच, पात्र व्यक्ति को जानबूझकर किया बाहर
HNN / नाहन
वन विभाग द्वारा वन मंडल नाहन के अंतर्गत की गई अनुबंध के आधार पर मल्टी पर्पस वर्कर्स भर्ती के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग हिमाचल प्रदेश के द्वारा वर्ष 2016-17 में अभिषेक कुमार पुत्र जयराम को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी दी गई थी। तो वही पात्र व्यक्ति अमरनाथ पुत्र तेजराम के द्वारा जुटाई गई आरटीआई की जानकारी से यह भी खुलासा हुआ है कि जिस व्यक्ति को वन विभाग के द्वारा नौकरी दी गई है, वह उस दौरान नाबालिग था।
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हैरानी तो इस बात की है कि जिस दौरान यानी 1 अप्रैल 2014 से लेकर अगस्त 2016 तक जो हाउस मैन कम माली का एक्सपीरियंस लेटर आमोद रिजॉर्ट मनाली से प्राप्त किया था वह भी फर्जी बनाया गया है। रिजॉर्ट के मालिक हरीश के द्वारा साफ तौर से मना कर दिया गया है कि जो एक्सपीरियंस लेटर दर्शाया गया है वह उनकी कंपनी का नहीं है।
इससे भी हैरान कर देने वाला तथ्य यह भी है कि अभिषेक पुत्र जयराम को वर्ष 2016-17 में वन विभाग में कुकिंग के आधार पर चयनित किया गया। उनके द्वारा दिए गए अनुभव पत्र में 1 मार्च 2011 से 31 मार्च 2014 तक किचन हेल्पर का फुल टाइम कार्य दर्शाया गया है। जबकि उम्मीदवार की जन्मतिथि 9 अक्टूबर 1997 है और इसकी आयु 13 वर्ष 5 महीने बनती है। 2012 में इसने खलीनी शिमला से दसवीं और 2015 में लालपानी शिमला से 12वीं की है।
ऐसे में युवक को किस आधार पर चयनित किया गया यह चर्चा का विषय बना हुआ है। इतना ही नही युवक को प्रैक्टिकल में 23 नंबर दिए गए थे और तीन साल के अनुभव के आधार पर उसको 6 अंक बिना किसी दस्तावेजों की जाँच के दिए गए। उधर, नाहन वन वृत्त की पाल सरिता कुमारी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है जिस पर जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा उसकी विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाएगी।
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