आगजनी से सुरक्षा को लेकर सांई कॉरपोरेशन और मैनकाइंड रोल मॉडल साबित
HNN/नाहन
बद्दी अग्निकांड के बाद जिला सिरमौर अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। आगजनी से सुरक्षा और अग्निशमन संयंत्रों के पैरामीटर को लेकर विभाग जिला की तमाम औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों में निरीक्षण अभियान शुरू करने जा रहा है। प्रशासन की ओर से उपायुक्त जिला सिरमौर सुमित खिमटा की ओर से लेबर, पुलिस, इंडस्ट्री तथा अग्निशमन विभाग को बाकायदा यह आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
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उपायुक्त सिरमौर के द्वारा इन तमाम विभागों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए जिला की तमाम औद्योगिक इकाइयों तथा संस्थानों में लगे अग्निशमन संयंत्रों की योग्यता तथा तमाम पैरामीटरस की जांच भी करेंगे। बता दें कि जो औद्योगिक इकाई अथवा संस्थान 900 स्क्वायर मीटर के दायरे में है उन्हें 50 हजार लीटर का पानी का टैंक हर वक्त रिजर्व रखना जरूरी होगा।

अब यदि 900 स्क्वायर मीटर से अधिक एरिया है तो 1 लाख से तीन लाख लीटर तक का रिजर्व पानी का टैंक बनाना होगा। यही नहीं संस्थान अथवा फैक्ट्री में किस तरह के कार्य होते हैं उसके अनुसार अग्निशमन संयंत्रों का लगाया जाना भी सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि जिला सिरमौर में 1200 के लगभग छोटी और बड़ी इंडस्ट्रीज है जबकि 2000 से अधिक शैक्षणिक संस्थाएं और संस्थान है।

पांवटा साहिब अग्निशमन विभाग के द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए 67 औद्योगिक इकाइयों को फायर की नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में 11 औद्योगिक इकाइयों ने नवीनीकरण के लिए अप्लाई किया है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब और कालाअंब दोनों औद्योगिक क्षेत्र में कोई भी ऐसा उद्योग नहीं है जिसके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी ना हो।

जिला में एमएनसी तथा डब्ल्यूएचओ कंपनियां भी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सभी कंपनियां अग्नि सुरक्षा के तमाम पैरामीटर को बखूबी निभा भी रही है। वही कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में साईं कॉरपोरेशन सेंट बनाने वाली फैक्ट्री में आगजनी से सुरक्षा को लेकर ऑटोमेटिक प्लांट लगा हुआ है।
अंतर्राष्ट्रीय पैरामीटर के अनुसार फैक्ट्री के द्वारा सेंसर युक्त अग्निशमन संयंत्र लगाए हुए हैं। यही नहीं इस फैक्ट्री में 2 लाख से 3 लाख लीटर तक के वाटर टैंक भी बनाए गए हैं। फैक्ट्री हर महीने अग्नि से सुरक्षा को लेकर अपने कर्मचारियों के साथ मॉक ड्रिल भी करती है। वहीं पांवटा साहिब स्थित मैनकाइंड इंडस्ट्री के द्वारा अपने ही फायर टेंडर रखे हुए हैं।
सांई कॉरपोरेशन के द्वारा जिस तरीके से अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल और फायर इक्विपमेंट लगाए गए हैं वह दूसरी औद्योगिक इकाइयों के लिए भी रोल मॉडल साबित हो सकते हैं। बावजूद इस सबके जिला प्रशासन किसी भी कोताही को बरतने को बिल्कुल तैयार नहीं है।
लिहाजा उपायुक्त सिरमौर के द्वारा लेबर पुलिस इंडस्ट्री तथा अग्निशमन विभाग को आदेश जारी किए गए हैं कि वर्तमान संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा के पैरामीटर को बारीकी से जांचें।
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