प्रदेश सरकार को हर महीने 5 से 6 करोड़ रुपए का एडिशनल गुड्स टैक्स लॉस
HNN / नाहन
प्रदेश की सुक्खू सरकार के सामने जहां राजस्व जुटाना चुनौती बन रहा है। तो वही कुछ ऐसे उद्योग भी हैं जो बगैर एडिशनल गुड्स टैक्स के सरकार को मोटा चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि स्क्रैप, लोहा, सरिया आदि पर यानी हर आइटम पर एडिशनल गुड्स टैक्स लगा हुआ है तो फिर एल्यूमीनियम स्टेनलेस-स्टील प्लास्टिक दाना लैड आदि को किस लिए एजीटी में छूट दी गई है। मोटे तौर पर यदि अनुमान लगाया जाए तो सरकार को हर महीने 5 से 6 करोड रुपए का चुना भी लग रहा है।
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हालांकि विभाग अब इन सब पर एडिशनल गुड्स टैक्स लगाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। जिसको लेकर एक्सपर्ट्स के साथ राय मशवरा भी किए जा रहे हैं। बताना जरूरी है कि प्रदेश में 50 पैसे प्रति किलोमीटर वजन के हिसाब से एडिशनल गुड्स टैक्स लगता है। जैसे यदि बाहर से स्क्रैप प्रदेश में आता है उस पर तभी एडिशनल गुड्स टैक्स लगेगा जब वह सरिया आदि बनकर बाहर जाएगा।
हैरानी तो इस बात की है कि सीजीसीआर जैसे रेता, बजरी आदि इन पर भी एडिशनल गुड्स टैक्स लगा हुआ है तो फिर एल्यूमीनियम प्लास्टिक दाना लैड तथा स्टेनलेस -स्टील आदि को एनजीटी से बाहर क्यों रखा गया है। उधर, इस विषय पर जब राज्य कर एवं आबकारी विभाग उपायुक्त हिमांशु से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इन पर एजीटी को लेकर आंकड़े इकट्ठे कर रहे हैं।
फिलहाल इन पर राज्य में एडिशनल गुड्स टैक्स नहीं है। उधर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि वह इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी जुटाएंगे।
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