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धर्मशाला कॉलेज में कथित रैगिंग व प्रताड़ना के बाद छात्रा की मौत, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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कॉलेज में सहपाठियों और प्रोफेसर पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद छात्रा अवसाद में चली गई थी। इलाज के दौरान लुधियाना में मौत होने के बाद अब मामले में औपचारिक जांच शुरू की गई है।

कांगड़ा/धर्मशाला

कॉलेज में कथित रैगिंग और जातिगत प्रताड़ना के आरोप

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धर्मशाला कॉलेज की एक छात्रा के साथ कथित रैगिंग, जातिगत टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार सहपाठियों द्वारा लगातार की गई कथित प्रताड़ना और डराने-धमकाने की घटनाओं के चलते छात्रा गहरे अवसाद में चली गई थी।

मानसिक स्थिति बिगड़ने पर इलाज के दौरान मौत

छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे डीएमसी लुधियाना में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि मौत से पहले छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कॉलेज से जुड़े कुछ आरोप लगाए थे।

पहले शिकायत बंद, बाद में दोबारा जांच

परिजनों ने पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने उस समय कॉलेज प्रशासन और परिवार के बयान लिए थे, लेकिन छात्रा की स्थिति बयान देने योग्य नहीं होने के कारण और पिता के आग्रह पर शिकायत बंद कर दी गई थी। छात्रा की मृत्यु के बाद सामने आए वीडियो और नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने फिर से जांच शुरू की।

एफआईआर दर्ज, छात्राओं और प्रोफेसर पर आरोप

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर मारपीट, डराने-धमकाने और आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस जांच में सभी पहलुओं की पड़ताल

पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच अधिकारी को मृतका के घर भेजकर परिजनों के बयान लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता, कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन ने रखा अपना पक्ष

कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि छात्रा पहले वर्ष की परीक्षा में असफल हो गई थी और विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार अगली कक्षा में प्रवेश संभव नहीं था। उनके अनुसार इस कारण छात्रा मानसिक तनाव में थी और कॉलेज प्रशासन को कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग

मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दुख जताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रकरण में लापरवाही के आरोपों की गहन जांच की आवश्यकता बताई है।

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