साइबर ठगों ने फर्जी जांच एजेंसी बनकर सेवानिवृत्त अधिकारी को मानसिक दबाव में रखा और बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना शिमला में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिमला
डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर की गई ठगी
साइबर अपराधियों ने वीडियो कॉल और फोन के माध्यम से खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए पीड़ित को गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी और खातों के फ्रीज होने के डर से अधिकारी ने अलग-अलग खातों में अपनी जमा पूंजी ट्रांसफर कर दी।
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फर्जी खातों में ट्रांसफर हुई रकम
जांच में सामने आया है कि जिन खातों में पैसे डलवाए गए, वे म्यूल अकाउंट थे जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता है। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने परिजनों को जानकारी दी और साइबर पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। किसी भी व्यक्ति को ऐसी कॉल आने पर घबराने की बजाय तुरंत कॉल काटकर पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
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